Rajya Sabha: गुजरात-बंगाल के लिए BJP उम्मीदवार तय, राज्यसभा चुनाव में उतरे ये चेहरे कौन हैं और इनका क्या असर?
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Thu, 13 Jul 2023 01:03 PM IST
सार
आइए जानते हैं भाजपा के ये तीनों उम्मीदवार कौन हैं? इनकी क्या कहानी है और भाजपा ने इन्हें क्यों उम्मीदवार बनाया?
राज्यसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 24 जुलाई को मतदान होना है। इनमें पश्चिम बंगाल की छह, गुजरात की तीन और गोवा की एक सीट शामिल है। इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। भाजपा ने तीन उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। गुजरात से विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही नामांकन कर चुके हैं।
भाजपा ने अब जिन तीन प्रत्याशियों का एलान किया है, उनमें गुजरात से बाबूभाई जेसंगभाई देसाई और केसरीदेवसिंह जाला हैं, जबकि अनंत महाराज पश्चिम बंगाल से उम्मीदवार बनाए गए हैं। आइए जानते हैं भाजपा के ये तीनों उम्मीदवार कौन हैं? इनकी क्या कहानी है और भाजपा ने इन्हें क्यों उम्मीदवार बनाया?
राज्यसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 24 जुलाई को मतदान होना है। इनमें पश्चिम बंगाल की छह, गुजरात की तीन और गोवा की एक सीट शामिल है। इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। भाजपा ने तीन उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। गुजरात से विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही नामांकन कर चुके हैं।
भाजपा ने अब जिन तीन प्रत्याशियों का एलान किया है, उनमें गुजरात से बाबूभाई जेसंगभाई देसाई और केसरीदेवसिंह जाला हैं, जबकि अनंत महाराज पश्चिम बंगाल से उम्मीदवार बनाए गए हैं। आइए जानते हैं भाजपा के ये तीनों उम्मीदवार कौन हैं? इनकी क्या कहानी है और भाजपा ने इन्हें क्यों उम्मीदवार बनाया?
पहले चुनाव का पूरा कार्यक्रम जान लीजिए
जुलाई और अगस्त में राज्यसभा की दस सीटें खाली हो रहीं हैं। इसमें गोवा की एक, पश्चिम बंगाल की छह और गुजरात की तीन सीटें शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में डोला सेन, डेरेक ओ'ब्रायन, प्रदीप भट्टाचार्य, सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रे और शांता छेत्री का कार्यकाल 18 अगस्त को समाप्त हो जाएगा।
इसके अलावा, गुजरात में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दिनेश जेमलभाई अनावडिया और लोखंडवाला जुगल सिंह माथुरजी का कार्यकाल भी इसी तारीख को खत्म हो रहा है। गोवा में विनय तेंदुलकर का कार्यकाल 28 जुलाई को खत्म होने जा रहा है। इन्हीं सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इसके लिए अधिसूचना छह जुलाई को जारी की गई है। नामांकन की अंतिम तारीख 13 जुलाई है। मतदान और मतगणना 24 को होगी।
अब जानिए भाजपा ने किसे और क्यों बनाया उम्मीदवार?
गुजरात से विदेश मंत्री समेत ये तीन बनाए गए उम्मीदवार
गुजरात से तीन राज्यसभा की सीटें खाली हो रहीं हैं। तीनों के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस ने गुजरात से एक भी उम्मीदवार नहीं उतारा है। पार्टी ने कहा है कि हमारे पास पर्याप्त संख्या नहीं है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही भाजपा की तरफ से नामांकन कर चुके हैं। अब पार्टी ने बाकी दो सीटों के लिए भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसमें बाबूभाई जेसंगभाई देसाई और केसरीदेवसिंह जाला का नाम है। ये दोनों नाम नए हैं और इनका निर्विरोध चुनना तय है।
1. बाबूभाई जेसंगभाई देसाई: ओबीसी समुदाय से आने वाले बाबू भाई देसाई एक बार विधायक रह चुके हैं। 2007 में वह गुजरात की कांकरेज सीट से जीते थे। बाबू भाई देसाई को टिकट देकर बीजेपी एक साथ कई चुनावी समीकरण साधने की कोशिश है। देसाई गुजरात के सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार विजेता हैं। 1957 में जन्में बाबूभाई पशुपालकों की जाति से आते हैं। गुजरात में पशुपालकों की संख्या काफी अधिक है। यही कारण है कि भाजपा बाबूभाई के जरिए अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में सफलता हासिल करना चाहती है।
2. केसरी सिंह जाला: बांकानेर राजघराने से आने वाले केसरी सिंह जाला को भी राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट मिला है। वे सौराष्ट्र से ताल्लुक रखते हैं। पीएम मोदी केसरीसिंह जाला की शादी में भी पहुंचे थे। पीएम मोदी के इस राजवी परिवार से निजी रिश्ते रहे हैं। केसरी सिंह जाला सामाजिक कार्यों के साथ बीजेपी से जुड़कर सक्रिय थे।
बंगाल से मिला अनंत महाराज को टिकट
पश्चिम बंगाल से भाजपा ने अनंत महाराज को टिकट दिया है। अनंत राजबंशी समुदाय के नेता है। अनंत महाराज लंबे समय से अलग ग्रेटर कूचबिहार राज्य की मांग करते रहे हैं। पश्चिम बंगाल में इनका संगठन 'ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन' है। अनंत महाराज इस एसोसिएशन के प्रमुख भी हैं। यह संगठन कई दशकों से कोच राजबंशियों के सांस्कृतिक और सामाजिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। गोरखालैंड की तर्ज पर इनकी मांग ‘ग्रेटर कूचबिहार’ को मान्यता और स्वायत्तता देने की भी है।
उत्तर बंगाल में प्रभाव रखने वाले इस संगठन ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन किया था। इलाके की सात सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी,जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। ममता की पार्टी यहां खाता भी नहीं खोल पाई थी। बीजेपी नेताओं का दावा है कि इस बार भी उत्तर बंगाल की सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा होगा।