रक्षा मंत्री के रूप में पद संभालने के बाद राजनाथ सिंह सोमवार को अपना पहला आधिकारिक दौरा सियाचिन और श्रीनगर का करेंगे। इस दौरान वे पाकिस्तान से लगते एलओसी पर सुरक्षा हालात का जायजा लेंगे।
सियाचिन का दौरा पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर और निर्मला सीतारमण ने भी किया था। युद्ध परिस्थितियों के लिहाज से सियाचिन रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण है और उतना ही दुर्गम भी। काराकोरम रेंज में मौजूद सियाचिन ग्लेशियर भारत-पाक नियंत्रण रेखा के पास स्थित एक बर्फीला क्षेत्र है।
यह विश्व का सबसे बड़ा और ऊंचा युद्ध क्षेत्र है और सर्दी के दिनों में वहां पारा गिरकर माइनस 70 डिग्री तक पहुंच जाता है। पिछले 10 साल में यहां करीब 163 जवान शहीद हो चुके हैं। इनमें से ज्यादातर की शहादत एवलांच और खराब मौसम के कारण हुई। 1984 में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस ग्लेशियर पर भारत और पाकिस्तान की ओर से सुरक्षाकर्मियों की तैनाती शुरू की गई है।