केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि ‘पायरेसी’ यानी किसी और के काम का अनधिकृत तरीके से इस्तेमाल एवं कॉपीराइट उल्लंघन आतंकवादियों को पैसे मुहैया कराने और मनीलॉन्ड्रिग के स्रोत हैं।
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सिंह ने यह बात बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) पर सभी पुलिस प्रशिक्षण कॉलेजों में एक विशेष पाठ्यक्रम की घोषणा करने के दौरान की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस प्रशिक्षण से पुलिसकर्मियों को आईपीआर और कॉपीराइट उल्लंघनों से होने वाले अपराधों के बारे में संवेदनशील बनाया जा सकेगा।
साथ ही वे संबंधित कानूनों को लागू करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। ‘बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के प्रवर्तन पर राष्ट्रीय कार्यशाला’ के दौरान अपने संबोधन में राजनाथ ने पुलिस और सीमा-शुल्क विभाग जैसी एजेंसियों से कहा कि वे इन उल्लंघनों को ‘हल्के में नहीं लें’, क्योंकि जन सुरक्षा एवं राष्ट्र की सुरक्षा से इनके तार सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।
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उन्होंने कहा कि आतंकवादियों और अपराधियों की ओर से अवैध धन पैदा करने और फिर उन्हें आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की खातिर इस्तेमाल करने के लिए उनका दोहन किया जा सकता है।