अगले लोकसभा चुनाव में विपक्ष की चुनौतियों को धराशाई करने के लिए भाजपा नई सीटों पर ही नहीं नया वोट बैंक तैयार करने के लिए भी एड़ी चोटी का जोर लगाएगी। ‘मिशन 2019’ के तहत भाजपा की निगाहें 16.6 फीसदी दलित वोटों पर है।
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360 सीटें जीतने का लक्ष्य हासिल करने के लिए मोदी सरकार के मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभी से आवंटित की गई 4-4 लोकसभा सीटों पर दिन-रात एक करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को आवंटित सीटों पर हर महीने 4 दिन अनिवार्य रूप से बिताने का निर्देश दिया है। इन्हें यह भी कहा गया है कि इस दौरान क्षेत्र में किसी तरह का तामझाम करने के बदले सरकार की उपलब्धियां आम लोगों तक पहुंचाएं।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मिशन 2019 से जुड़ी दोनों बैठकों में नई चिन्हित की गई 120 सीटों और 360 सीटों के लक्ष्य पर चर्चा हुई। इसके लिए पिछड़ा-दलित वोट बैंक को साधने का फार्मूला दिया गया। केंद्रीय मंत्रियों-मुख्यमंत्रियों को दलितों को साधने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाने का निर्देश दिया गया।
उक्त नेता के मुताबिक, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के फैसले के जरिए पार्टी पहले ही पिछड़ी जातियों को लामबंद करने में जुटी है। इसके इतर पार्टी की योजना दलित वोट बैंक की साधने की है।
इसके लिए पार्टी द्वारा दलित समुदाय से जुड़े व्यक्ति को सर्वोच्च पद पर बिठाने, अंबेडकर के नाम से एप बनाने और उनकी स्मृतियों को सहेजने का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा।
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इस बीच पार्टी नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को लोकसभा की 4-4 सीटें आवंटित कर दी है। इन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि चुनाव से पहले तक सभी इन सीटों पर कम से कम 40 कार्यक्रम करें।
कार्यक्रमों के जरिए न सिर्फ प्रबुद्घ लोगों के साथ ही आम लोगों से संपर्क साधें, बल्कि सीट की स्थिति और सरकार के बारे में चरणबद्ध तरीके से नेतृत्व को अवगत भी कराएं।