इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स(आईएसीसी) द्वारा आयोजित 'भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करना' विषय कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका एक प्राकृतिक साझेदार हैं और विश्व के लिए दोनों देशों ने काम किया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिकी कंपनियों के लिए जोखिम कम करने का एक साधन हो सकता है, क्योंकि देश उच्च रिटर्न दे रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अमेरिकी पूंजी और तकनीकी जानकारी भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने में मदद करेंगी।
भारत अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम- राजनाथ सिंह
रूस-यूक्रेन और इस्राइल-हमास युद्ध पर बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इन युद्धों ने भारत के रक्षा क्षेत्रों पर ज्यादा प्रभाव नहीं डाला है। उन्होंने कहा भारत अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम हैं। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि भारत किसी को भी करारा जवाब दे सकता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका स्वतंत्र, खुले, नियमों पर आधारित व्यवस्थाओं का समर्थन करते हैं। हमारे रणनीतिक हितों को काफी समानता हैं।
दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध फायदेमंद- राजनाथ
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारा आर्थिक संबंध दोनों देशों के लिए फायदेमंद हैं। समय की मांग है कि रक्षा प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहित कई क्षेत्रों में भारत और अमेरिका मिलकर अधिक काम करें। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं। अमेरिका भी लोकतांत्रिक देश हैं। जब दो बड़े लोकतंत्र एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं, तो निश्चित रूप से लोकतांत्रिक विश्व व्यवस्था मजबूत होगी।
वसुधैव कुटुंबकम पर आधारित आत्मनिर्भर अभियान
आत्मनिर्भर भारत पहल का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम में कहा कि देश सही गति से आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले वक्त में ठोकर नहीं खानी पड़ेगी। इससे भारत को रक्षा उपकरण निर्यात करने वाले शीर्ष 25 देशों में जगह बनाने में सहायता मिली है। राजनाथ सिंह ने कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' वसुधैव कुटुंबकम पर आधारित सहयोग को बढ़ावा देता है। मित्र देशों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए भारत में हर क्षेत्र में किए गए व्यापक बदलावों को सूचीबद्ध किया।