रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज राज्यसभा में पाकिस्तान में गलती से मिसाइल गिरने के मामले में बयान दिया। यह मिसाइल पाकिस्तान के पंजाब में मियां चन्नू इलाके में गिरी थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं इस सदन को 9 मार्च 2022 को हुई एक घटना के बारे में बताना चाहता हूं। यह निरीक्षण के दौरान एक आकस्मिक मिसाइल रिलीज से संबंधित है। मिसाइल यूनिट के नियमित रखरखाव और निरीक्षण के दौरान, शाम लगभग 7 बजे, गलती से एक मिसाइल छूट गई जो कि पाकिस्तान के एक क्षेत्र में जाकर गिरी। राजनाथ सिंह ने कहा कि बाद में पता चला कि मिसाइल पाकिस्तान के इलाके में गिरी थी। घटना खेदजनक है। लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई नुकसान नहीं हुआ। मैं सदन को सूचित करना चाहता हूं कि सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और उच्च स्तरीय जांच के लिए आधिकारिक आदेश दिया गया है। इस जांच से दुर्घटना के सही कारण का पता चलेगा। मैं यह भी बताना चाहूंगा कि इस घटना के मद्देनजर संचालन, रखरखाव और निरीक्षण के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। राजनाथ ने कहा कि हम अपने हथियार प्रणालियों की सुरक्षा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा।
क्या है मामला
दरअसल, शुक्रवार को तकनीकी खामियों की वजह से भारत की ओर से पाकिस्तान में गलती से मिसाइल फायरिंग हो गई थी जिसे लेकर पाकिस्तान सरकार ने भारत सरकार से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था। इसके बाद भारत सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि मिसाइल गलती से फायरिंग हो गई थी, जो पाकिस्तान में गिरी और यह खेदजनक घटना नियमित रखरखाव के दौरान एक तकनीकी खराबी के कारण हुई थी। वहीं भारत के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और इसमें एक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है। उससे एक दिन पहले पाकिस्तान ने कहा था कि भारत से छोड़ी गई एक हाई-स्पीड प्रोजेक्टाइल उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई और पंजाब प्रांत के खानेवाल जिले में मियां चन्नू के पास गिरी।
स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं पाकिस्तान
पाकिस्तान ने शनिवार को कहा कि वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में गिरी मिसाइल के दुर्घटनावश चलने पर भारत के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है। पाकिस्तान ने इस घटना से संबंधित तथ्यों का सही तरीके से पता लगाने के लिए संयुक्त जांच की मांग की थी। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने कहा था कि यह घटना परमाणु वातावरण में दुर्घटनावश या अनधिकृत मिसाइल प्रक्षेपण के खिलाफ सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी सुरक्षा उपायों के संबंध में कई बुनियादी सवाल उठाती हैं। भारत के रक्षा मंत्रालय के बयान में मिसाइल का नाम नहीं बताया गया, लेकिन पाकिस्तानी सेना द्वारा दिए गए विवरण से संकेत मिलता है कि यह ब्रह्मोस मिसाइल हो सकती है।