राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का अलग राजनीतिक विमान तभी उड़ान भरेगा जब उनके साथ 28 विधायक भी सवार हों। राज्य में गहलोत की सरकार को गिराकर नई सरकार बनाने के लिए जो अंक गणित चाहिए होगा उतनी संख्या भाजपा के पास नहीं है। कांग्रेस अल्पमत में लाने के लिए कम से कम 35 विधायकों को इस्तीफा देना होगा।
भाजपा को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के कम से कम 28 विधायकों के छोड़ने के साथ 13 निर्दलीय भी साथ लेने होंगे जो अभी गहलोत को समर्थन दे रहे हैं। कांग्रेस विधायक जो भी पार्टी छोड़ेगा उसकी सदस्यता खुद ब खुद चली जाएगी।
कांग्रेस के पास अपने 107 विधायक हैं और 13 निर्दलीय सहयोग कर रहे हैं। जबकि भाजपा के अपने 72 और 8 सहयोगी हैं। 200 विधायकों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 101 विधायक चाहिए। 107 वाली कांग्रेस से 35 विधायक अगर इस्तीफा देते हैं तो 72 रह जाएंगे 13 निर्दलीय मिलकर यह संख्या 85 हो जाएगी। कांग्रेस से असंबद्ध किए गए तीन विधायकों को अलग कर दें तो आंकड़ा 82 होता है। भाजपा के सहयोगी समेत 80 हैं तीन और जोड़ दें तो 83 होंगे।