हादसे की शिकार छात्रा ने आगे बताया कि वह नाले में पूरी तरह डूब चुकी थी। पानी का बहाव तेज होने के बाद वह ऊपर की ओर आई। स्कूटी पूरी तरह से दलदल में फंसी थी और उसके पैर स्कूटी के पायदान पर थे। जब वह स्कूटी पर खड़ी हुई तभी उसकी ऊंगलियां पानी के ऊपर दिख रही थीं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नाले में कितना पानी भरा था। उसे वक्त रहते एक पंचायत सहायक ने बचा लिया।
लोग बचाने की बजाय बना रहे थे वीडियो
छात्रा आगे बताती है कि उसे सबसे ज्यादा दुख तब हुआ जब वह बुरी हालत में बाहर निकली तो लोग उसका हालचाल पूछने की बजाय उसका वीडियो बना रहे थे। अगर 10 सेकंड भी वह और रहती तो उसे बचा पाना मुश्किल था। वक्त रहते वहां एक पंचायत सहायक आ गया और उसने उसे अन्य लोगों की मदद से बाहर निकाला।
खतरों से भरा है यह नाला
यहां के सभापति का कहना है कि वह जल्द ही रेलिंग लगवाएंगे। इस नाले की बात करें तो इसमें दो नालों का मिलान है। करीब तीन साल पहले एक बस का टायर भी इसमें फंस गया था जो बहुत मुश्किल से बाहर निकाला गया। वहीं बीते साल एक दूध वाला भी इस नाले में गिर चुका है। किसी व्यस्त मार्ग पर इतना बड़ा नाला होना किसी खतरे से कम नहीं है। यह प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है कि बार बार कई हादसे होने के बाद भी इस समस्या का कोई हल नहीं निकाला गया है।