औली में बर्फ का मजा लेते सैलानी
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हिमाचल में बर्फ से ढकी वादियां देखकर झूम उठे सैलानी
हिमाचल की राजधानी शिमला से सटे पर्यटन स्थल कुफरी, मनाली और डलहौजी शहर में वीरवार को सीजन का पहला हिमपात हुआ। भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी के बीच हिमाचल की चोटियों पर बर्फ की मोटी परत बिछ गई है। रोहतांग में ढाई फीट तक बर्फबारी रिकॉर्ड हुई है।
शिमला की सबसे ऊंची चोटी जाखू पर भी वीरवार सुबह फाहे गिरे। भारी बर्फबारी से लाहौल, पांगी, किन्नौर, जलोड़ी जोत समेत कई इलाके कट गए हैं। हिमाचल में तीन नेशनल हाईवे समेत 80 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हो गई हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में बारिश से प्रदेश में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ना शुरू हो गई है। वीरवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में आठ से दस डिग्री की कमी दर्ज हुई।
उत्तराखंड में भारी बर्फबारी से औली मार्ग बंद,
देहरादून सहित अधिकतर जिलों में गुरुवार को बादलों का पहरा रहा। वहीं पहाड़ी इलाकों पर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे अब उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में सुबह से बर्फबारी हो रही है। इसकी वजह से यातायात भी काफी प्रभावित हो रहा है।
इसके अलावा स्थानीय लोगों से सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। वहीं देहरादून, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी और पिथौरागढ़, नैनीताल और अल्मोड़ा प्रशासन ने शुक्रवार को सभी कक्षा 1 से 12 तक प्राईवेट और सरकारी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
पंजाब में बूंदाबांदी और दिनभर छाए बादल ने बढ़ाई ठंड
पंजाब में गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और हल्की बारिश ने पूरे पंजाब में सर्दी बढ़ा दी है। बरसात से तापमान में कमी आई है। लुधियाना में ठिठुरन बढ़ गई है। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के विशेषज्ञों के अनुसार 13 और 14 दिसंबर को लुधियाना के आसपास भारी बरसात के साथ ओले पड़ सकते हैं।
ऐसे में पारा और नीचे जा सकता है। किसानों की सलाह है कि वह अगले दो दिन गेहूं की फसल को पानी न दें और फसलों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी ना करें। ज्यादा बरसात होने के कारण खेतों में पानी भर सकता है और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हो सकता है।
फसलों के लिए संजीवनी बनी हल्की बारिश
हरियाणा के ज्यादातर हिस्सों में गुरुवार को पश्चिमी विक्षोभ के चलते हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। दूसरी तरफ पानीपत समेत कई शहरों में वायु प्रदूषण काफी कम हो गया। इस सीजन की पहली बारिश के साथ ही शीत लहर चलने से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने शुक्रवार को भी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इसके बाद लगातार तीन दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा परेशान कर सकता है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तेज हवा के साथ सुबह से ही गरज-चमक के साथ शुरू हुआ बारिश का सिलसिला रुक-रुक देर शाम तक जारी रहा।
भोपाल में छाई धुंध
मध्यप्रदेश के भोपाल में भी धुंध के कारण सुबह कम विजिबिलिटी रही।