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Hyundai और Mahindra की इस रणनीति से ‘घबराई’ Maruti, फैसला बदलने को हुई मजबूर!

Fri, 13 Dec 2019 01:35 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Maruti suzuki - फोटो : AmarUjala
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Maruti Suzuki ने अपने पुराने स्टैंड से कदम वापस खींच लिए हैं। मारुति ने पहले एलान किया था कि वह अगले साल अप्रैल 2020 से नए BS6 उत्सर्जन मानकों के लागू होने से पहले डीजल इंजन बनाना बंद कर देगी। लेकिन कंपनी ने अब फैसला किया है कि वह बनाना जारी रखेगी।

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इस साल किया था बंद करने का फैसला

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने इस साल अप्रैल में एलान किया था कि कंपनी अगले साल से डीजल इंजन बनाना बंद करने जा रही है। उन्होंने इसके पीछे अपडेशन में आने वाली कीमतों को बड़ी वजह बताया था।
 

दूसरी कंपनियों को होगा फायदा

कंपनी का कहना था कि छोटे डीजल इंजन को नए उत्सर्जन मानकों के अनुरूप विकसित करने में लागत में बढ़ोतरी होगी, जिससे पेट्रोल गाड़ियों के मुकाबले डीजल इंजन वाली कारों की कीमतों में दो से ढाई लाख रुपये तक की बढ़ोतरी होगी। वहीं अनुमान जताया था कि पेट्रोल कारों के दाम 25,000 रुपए तक बढ़ेंगे। वहीं कंपनी को अब लग रहा है कि उसने अगर डीजल इंजन बनाना बंद कर दिया तो बाजार में उसकी हिस्सेदारी प्रभावित होगी और इसका फायदा बाकी प्रतिद्वंदियों को मिलेगा।
 

इन गाड़ियों में मिलेगा डीजल इंजन

वहीं कंपनी ने अब फैसला किया है कि वह 2021 से डीजल इंजन के बाजार में फिर से प्रवेश करेगी। कंपनी ने इसके लिए 1.5 लीटर का डीजल इंजन पर काम शुरू कर दिया है और बीएस6 स्टैंडर्ड वाला होगा। कंपनी इस डीजल इंजन को सियाज, एस-क्रॉस, अर्टिगा, XL6 और विटारा ब्रेजा में लगाएगी। सूत्रों का कहना है कि कंपनी को यह लगने लगा था कि अगर उसने डीजल इंजन बनाना छोड़ दिया तो महिंद्रा एंड महिंद्रा और ह्यूंदै बाजी मार लेंगी। क्योंकि इन दोनों कंपनियों ने अभी तक डीजल इंजन बंद करने को लेकर कोई फैसला नहीं किया है।
 

1.5 लीटर डीजल इंजन होगा अपग्रेड

ईटी की रिपोर्ट्स के मुताबिक फॉक्सवैगन ग्रुप, रेनो-निसान, ह्यूंदै, महिंद्रा, टाटा मोटर्स और होंडा कार्स अपनी 1.5 लीटर के डीजल इंजन को बीएस6 में अपग्रेड कर रही हैं। वहीं मारुति भी 1.5 लीटर डीजल इंजन को अपग्रेड करेगी, लेकिन अभी इसकी तकनीकी-व्यावसायिक पक्ष को लेकर आखिरी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। वहीं यह भी खबरें हैं कि मारुति भविष्य में अपने डीजल इंजन को टोयोटा को सप्लाई करेगी।  

सीएनजी के साथ हाईब्रिड इंजन का विकल्प

ड़ीजल सेगमेंट में मारुति को टक्कर मे देने वाली ये दोनों कंपनियां अब अपने डीजल इंजन के पोर्टफोलियो को बीएस6 मानकों के मुताबिक अपग्रेड कर रही हैं। मारुति सबसे पहले सियाज, अर्टिगा और एस-क्रॉस में डीजल इंजन को लॉन्च करेगी, बाद में विटारा ब्रेजा में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ब्रेजा का सात-सीटर वर्जन लाने वाली है। इसके अलावा कंपनी छोटी हैचबैक और छोटी सेडान कारों जैसे स्विफ्ट, बलेनो, डिजायर में सीएनजी के साथ हाईब्रिड इंजन भी लॉन्च करने वाली है। लेकिन उनमें डीजल इंजन नहीं मिलेगा।
 

घटी डीजल इंजन की बिक्री

मारुति ने इस फैसले के पीछे वजह बताई थी कि बिक्री के ट्रेंड मुताबिक पिछले 6 साल में डीजल कार की बिक्री आधी रह गई है। कंपनी के अनुमान के मुताबिक 2018-19 में कंपनी ने अनुमान जताया था कि वह पांच लाख डीजल गाडियां बेच देगी, लेकिन अंदरुनी अनुमानों के मुताबिक यह घट कर ढाई से तीन लाख हो गई है। लेकिन मारुति को उम्मीद है कि पांच लाख के स्तर को छूने के लिए 1.5 लीटर का इंजन काफी मदद करेगा।
 
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फैसले की बड़ी वजह

सालाना बिक्री में डीजल कारों का हिस्सा करीब 23% है। 2012-13 में डीजल कारों की हिस्सेदारी 50% थी। अब यह घटकर आधी रह गई है। वहीं पेट्रोल और डीजल के दामों में पांच साल पहले अंतर 27 रुपए का था, अब आठ से 10 रुपए हो गया है। प्रदूषण की वजह से डीजल कारों पर सख्ती हो रही है। दिल्ली में डीजल कारों की रजिस्ट्रेशन अवधि 10 साल और पेट्रोल वर्जन पर 15 साल है।
 
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