रेलवे अक्षम और खराब प्रदर्शन करने वाले अपने कर्मचारियों की छंटनी करेगा। इसके लिए उसने मंडल कार्यालयों को उन कर्मचारियों की सूची तैयार करने को कहा है जो 2020 की पहली तिमाही में 55 वर्ष के हो चुके होंगे या जिनका सेवाकाल 30 साल पूरा हो गया है। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इस श्रेणी में जो लोग सेवा योग्य नहीं हैं, उन्हें समयपूर्व सेवानिवृत्ति का प्रस्ताव दिया जाएगा।
रेलवे बोर्ड ने 27 जुलाई को सभी मंडल कार्यालयों को इस संदर्भ में खत लिखा है और उनसे 9 अगस्त तक जानकारी देने को कहा गया है। सूत्र का कहना है कि यह समय-समय पर की जाने वाली समीक्षा का हिस्सा है। इसके तहत जिन कर्मचारियों का काम ठीक नहीं है या जिनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक मामला है, उन्हें समयपूर्व सेवानिवृत्ति की पेशकश की जाएगी। केंद्र सरकार इस संबंध में बहुत गंभीर है।
हाल ही में लोकसभा को बताया गया था कि सरकारी विभागों में समूह ए और बी के 1.19 लाख कर्मचारियों के कामकाज की समयपूर्व सेवानिवृत्ति उपबंध के संदर्भ में 2014-19 के बीच समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार, मौजूदा समय में रेलवे में 13 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं और मंत्रालय वर्ष 2020 तक इसे घटाकर 10 लाख करना चाहता है। रेलवे के मंडलीय कार्यालयों से कर्मचारियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वस्थता, उपस्थिति, समयबद्धता का रिकॉर्ड भी जुटाने को कहा गया है।