चंदौसी-मुरादाबाद रेल ट्रैक पर मंगलवार को तड़के करीब तीन बजे सप्ताह में दूसरी बार रेल ट्रैक को काटा गया। पुल संख्या 46 पर करीब 32 एमएम पटरी कटी हुई थी। ट्रैक मैन की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। टूटी हुई पटरी के चलते चंडीगढ़-लखनऊ अप और डाउन एक्सप्रेस को रोका गया। बाद में ट्रैक की मरम्मत के बाद ट्रेनों को रवाना किया गया।
घटना के बाद रेल और पुलिस के आला अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने मौका मुआयना कर जांच के आदेश दिए हैं। आतंकी साजिश के पहलू से भी घटना की जांच की जाएगी। फिलहाल, एक घंटे में रेल की मरम्मत कर यातायात को सुचारु कर दिया गया।
चंदौसी-मुरादाबाद रेलवे ट्रैक पर चंदौसी रेलवे स्टेशन से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर गुमथल रेलवे स्टेशन से पहले मोहम्मद गंज के निकट पुल संख्या 46 पर करीब 32 एमएम पटरी काटी गई। ट्रैकमैन रमेश ने बताया कि रात में करीब 12:15 बजे ट्रैक की पेट्रोलिंग करते हुए गुमथल की ओर गए थे। मंगलवार तड़के 3:16 बजे लौटे तो मोहम्मद गंज के पुल संख्या 46 पर पटरी कटी हुई मिली। तत्काल स्थानीय रेल प्रशासन को सूचना दी गई।
पेट्रोलिंग के दौरान ट्रैक मैन की सूचना पर आला अधिकारियों ने मौका मुआयना किया है। उच्चाधिकारियों ने तथ्य जुटाए। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए रेल इंटेलीजेंस, पुलिस क्राइम ब्रांच, एलआईयू समेत थाना पुलिस, रेलवे पुलिस, जीआरपी को लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर केएल मीना, सीआईबी इंस्पेक्टर सीपी सिंह, सीओ सुरेश बाबू यादव, आरपीएफ इंस्पेक्टर माता बदल रावत, जीआरपी समेत क्राइम ब्रांच और एलआईयू ने मौका मुआयना किया है। अवर अभियंता नितेश कुमार की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस तो नहीं थी निशाने पर ?
चंदौसी। थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव अजीमगंज के निकट नौ फरवरी को पटरी काटकर लिंक एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया था। हलांकि ट्रैक मैन की सर्तकता के चलते रेल हादसा टल गया था। ठीक छह दिन के बाद चंदौसी-मुरादाबाद रेलवे ट्रैक पर थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव मोहम्मद गंज के नजदीक पुल संख्या 46 पर करीब 32 एमएम पटरी काटी गई है। पटरी काटने के बाद 15012-चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस गुजरनी थी। ट्रैक मैन की सूचना के बाद रेलवे के स्थानीय प्रशासन ने ट्रेन को रोक दिया।