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प्रोत्साहन: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा- रेल कर्मी सेवानिवृत्त नहीं हो रहे, नये भविष्य की तरफ जा रहे है

Thu, 01 Jul 2021 03:12 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • रेल मंत्री ने सेवानिवृत्त हुए 3,865 रेल कर्मियों को प्रोत्साहित किया
  • सेवानिवृत्त हुए रेल कर्मी रेल सहयोग नाम के एनजीओ के तहत आगे का रास्ता तय करेंगे
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पीयूष गोयल, केंद्रीय रेल मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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जीवन एक ट्रेन की तरह ही है। ट्रेन भी रास्ते मे रूकते-रूकते पहुंचती है। रास्ते में लोगों को उतारती है नये लोगों को चढ़ाती है। फिर हर व्यक्ति को अपने गंतव्य तक पहुंचाती है। जीवन भी इसी तरह से है। यह बातें केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहीं। रेलवे के सेवानिवृत्त हुए 3,865 रेल कर्मियों को वर्चुअल रूप से रेल मंत्री ने संबोधित किया।

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गोयल ने यह भी कहा कि यह एक ऐसा मौका है जब एक ट्रेन का सफर खत्म कर दूसरे ट्रेन का सफर शुरू करने का होता है। सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों को गोयल ने यह भी कहा कि एक पड़ाव पर पहुंचे हैं। पहली ट्रेन की जर्नी करके आए हैं। अभी आपकों रेलवे की भी सेवा करनी है और देश की भी करनी है। परिवार को भी देखना है। विश्वास है कि इस पूरी यात्रा में जिस प्रकार से योगदान दिया और रेलवे की यात्रा को सुगम बनाया वह आगे भी करते रहेंगे।

सेवानिवत्त अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि यह एक सिरियल की तरह है। ऐसे मोड़ पर सिरियल खत्म हुआ है जहां से नया सिरियल शुरू होता है। सिरियल बंद मत करो दूसरे एपिसोड पर चले जाए। आप सभी रिटायर नहीं हो रहे नये भविष्य की तरफ जा रहे हैं।
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सेवानिवृत्त लोगों के अनुभव का फायदा लेगा रेलवे
रेलवे अपने सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों का भविष्य में भी सेवा लेगा। इसके लिए रेल सहयोग नाम से एक एनजीओ का गठन किया गया है। इस माध्यम से अधिकारी जुड़ेंगे और अपने अनुभव का लाभ रेलवे को देंगे।

केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि सेवानिवृत्त लोगों के लिए खुशखबरी है। 30 जून को लोग रिटायर जरूर हुए हैं, टायर्ड नहीं हुए हैं। ऑनलाइन युग में घर से भी सेवानिवृत्त अधिकारी अपना योगदान देंगे। बतौर गेस्ट फेकेल्टी जुड़ेंगे। इस तरह से रेलवे को लंबे अनुभव का लाभ मिलता रहेगा। मंत्री ने कहा कि एक डाटा बेस तैयार कर आज से पहले सेवानिवृत्त हुए लोगों से भी संपर्क साधा जाएगा। इस प्रयोग को आगे बढ़ाएंगे।

स्पष्ट किया कि रेलवे के इस एनजीओ को रेलवे या सीएसआर फंड के भरोसे नहीं रहना होगा। यह एनजीओ स्वतंत्र होगा। काम को आगे बढ़ाने के लिए थोड़ा फीस लेने की आवश्यकता हुई तो एनजीओ इसका भी प्रावधान करेगा।

इस मौके पर रेल मंत्री ने कोविड से लड़ाई में अपने जीवन को बलिदान देने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की। कहा कि भगवान उनके प्रयासों को अन्यथा नहीं जाने देगा। देश की जनता के सामने कोई चुनौती आ जाए तो भारतीय रेलवे आगे बढ़ कर सहयोग करता रहेगा। ऑक्सीजन एक्सप्रेस प्रयोग सेवा का मार्ग कोविड काल में बना। रेल से जुड़ा हर व्यक्ति चाहे ट्रैकमैन हो या चेयरमैन सभी ने योगदान दिया है।

आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार, आरडीएसओ के महानिदेशक वीरेंद्र कुमार, रेलवे बोर्ड के एडिशनल मेंबर ट्रैफिक सुशांत मिश्रा, एडिशन मेंबर बजट नरेंद्र प्रसाद पांडेय, एडिशनल मेंबर वर्क संजय रस्तोगी, एडिशन मेंबर इलेक्ट्रिफिकेशन संजीव स्वरूप, जीएम ईसीआर ललित चंद्र त्रिवेदी। साउथ इस्ट सेंट्रल रेलवे महाप्रबंधक गौतम बनर्जी समेत कई अधिकारी सेवानिवृत्त हुए। इन्हें एनजीओ से जोड़ा जाएगा।

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