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Railway: जर्मन ब्रेक में गड़बड़ी के बाद रेलवे ने किया सतर्क, कहा- ट्रेनों में निर्धारित गति सीमा का पालन हो

Sun, 19 Feb 2023 11:16 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेलवे द्वारा अपने सभी जोन को दिए गए निर्देशों में यह भी कहा गया है कि वे लोको पायलटों की ब्रेकिंग तकनीक की भी निगरानी करें। एसपीएडी (सिग्नल पास एट डेंजर) के बढ़ते मामलों को देखते हुए रेलवे ने जोन के लिए एक महीने का सुरक्षा अभियान शुरू करने का भी निर्देश जारी किया।
 
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पटरी से उतरी मालगाड़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाल ही में सुल्तानपुर जिले में दो मालगाड़ी आपस में टकरा गई थीं। इसके बाद रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने अपने सभी जोन को आदेश दिया है कि वे लोको पायलटों को जर्मनी निर्मित ब्रेकिंग सिस्टम वाली ट्रेनों में निर्धारित गति सीमा का पालन करने का निर्देश दें।  गौरतलब है कि गुरुवार को सुल्तानपुर में हुई घटना का कारण जर्मनी निर्मित बोगी माउंटेड ब्रेक सिस्टम (बीएमबीएस) को ठहराया गया था।

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रेलवे द्वारा अपने सभी जोन को दिए गए निर्देशों में यह भी कहा गया है कि वे लोको पायलटों की ब्रेकिंग तकनीक की भी निगरानी करें। एसपीएडी (सिग्नल पास एट डेंजर) के बढ़ते मामलों को देखते हुए रेलवे ने जोन के लिए एक महीने का सुरक्षा अभियान शुरू करने का भी निर्देश जारी किया।

जर्मन निर्मित बोगी माउंटेड ब्रेक सिस्टम (बीएमबीएस) से लैस मालगाड़ियों से जुड़ी कई शिकायतों और दुर्घटनाओं के बाद रेलवे के सभी जोन को बीते साल उन लोडेड ट्रेनों की अधिकतम गति को प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया था, जिसमें इस सिस्टम के साथ 50 प्रतिशत से अधिक वैगन लगे थे। इन निर्देशों में कहा गया था कि 100 में 1 के डाउन ग्रेडिएंट पर 50 किमी प्रति घंटा, IR के लेवल ट्रैक पर 65 किमी प्रति घंटे और डीएफसी पर 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार होनी चाहिए। 
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रेलवे बोर्ड के आदेश में कहा गया है कि एसपीएडी मामलों को रोकने के लिए कुछ पहलुओं पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। जिसमें निरीक्षकों द्वारा लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों द्वारा प्रोटोकॉल के पालन की निगरानी, रन पर मोबाइल फोन का उपयोग और विशिष्ट येलो सिग्नल पर ट्रेन नियंत्रण और रेड सिग्नल से पहले रुकने के लिए ढाल में ट्रेन नियंत्रण के संबंध में चालक दल की निगरानी की जानी चाहिए। 

आदेश में यह भी कहा गया है कि विभिन्न प्रकार के भार के लिए एलपी (लोको पायलट) के विराम लेने की तकनीक की विशिष्ट निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रनिंग स्टॉफ के निर्धारित घंटों से अधिक काम करने से थकान हो सकती है और इसे रोका जाना चाहिए। 

बता दें कि जर्मन निर्मित बोगी माउंटेड ब्रेक सिस्टम वाले सभी वैगनों में ट्विन पाइप सिस्टम प्रदान किया जाता है। उन्हें लंबी खड़ी ढाल पर अधिक सुरक्षित संचालन के साथ-साथ मालगाड़ियों की उच्च औसत गति के लिए 'ट्विन-पाइप मोड' में चलाया जाता है। BMBS को जुलाई 2022 में रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (RDSO) द्वारा गलत करार दिया गया था। इसने कहा कि एक समिति की रिपोर्ट में सिस्टम की ब्रेकिंग पावर में कमी पाई गईं थीं। 

गौरतलब है कि सुल्तानपुर जिले के दक्षिणी केबिन के पास गुरुवार को दो मालगाड़ी आपस में टकरा गई थी। इस हादसे की जांच की एक प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि दुर्घटना में शामिल ट्रेनों में से एक ट्रेन भरी हुई थी और 65 किमी प्रति घंटे की गति से चल रही थी, जिसमें नीचे की ओर ढाल थी और ब्रेक अप्रभावी थे।

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भावनगर में मालगाड़ी के पटरी से उतरने से यातायात प्रभावित
गुजरात के भावनगर जिले में रविवार शाम एक डबल डेकर मालगाड़ी के चार डिब्बे पटरी से उतर गए। इसके बाद कुछ ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया गया। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने इस हादसे के बारे में जानकारी दी। पश्चिम रेलवे द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, पीपावाव बंदरगाह से रवाना हुई मालगाड़ी पश्चिम रेलवे के भावनगर मंडल के अंतर्गत आने वाले ढोला रेलवे स्टेशन यार्ड में पटरी से उतर गई थी।

 बयान में कहा गया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन भावनगर-बांद्रा एक्सप्रेस सहित छह ट्रेनें दो से तीन घंटे की देरी से रवाना होंगी। वहीं महुवा और भावनगर के बीच एक ट्रेन को अमरेली जिले के लिलिया मोटा स्टेशन पर रोक दिया गया है। 
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