अब आपको ट्रेन से सफर करने से पहले अपने ठहरने का भी इंतजाम करना होगा। क्योंकि रेलवे ने स्टेशनों पर यात्रियों की ठहरने की सुविधा के लिए बनाए गए रिटायरिंग कक्षों को फिर से बंद करने का फैसला लिया है। कोरोना के फिर से बढ़ते प्रकोप मद्देनजर रेलने ने देशभर के तमाम रेलवे स्टेशनों पर इस सुविधा को बंद कर दिया है। जिससे अब यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर ठहरने की सुविधा नहीं मिल सकेगी। हालांकि यात्री प्लेटफॉर्म और वेटिंग रूम में रात गुजार सकते हैं।
मार्च महीने में भी बंद की गई थी ये सुविधा
इससे पहले रेलवे ने देश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बाद मार्च में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान यह सेवा बंद कर दी थी। कोरोना वायरस संक्रमण का असर कम होने पर इसी महीने यानी नवंबर की शुरुआत में ही इस सुविधा को रेलवे ने दोबारा शुरू किया था। लेकिन फिर से कोरोना ने देश में रफ्तार पकड़ ली है। लिहाजा रेलवे ने इसे देखते हुए फिर इनकी बुकिंग बंद कर दी है। रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि अब कोरोना संक्रमण का प्रकोप पूरी तरह खत्म होने के बाद ही यह सुविधा चालू हो पाएगी।
किसके लिए जरूरी है ये सुविधा
आपको बता दें कि देश में कुछ ही चुनिंदा और बड़े रेलवे स्टेशनों पर रिटायरिंग रूम की सुविधा होती है। भोपाल रेल मंडल के भोपाल, इटारसी, बीना और हबीबगंज रेलवे स्टेशनों पर भी रिटायरिंग रूम की सुविधा मिलती है। इस सुविधा का इस्तेमाल हो ज्यादातर वह यात्री करते हुए जो किसी रेलवे स्टेशन पर रात में उतरते हैं, ऐसे में वह रात गुजारने के लिए रिटायरिंग रूम बुकिंग कर यहां ठहर सकते थे।
रिटायरिंग रूम पहले करना पड़ता है बुक
रेलवे स्टेशनों पर रिटायरिंग रूम की सुविधा सिर्फ उन्हीं यात्रियों को मिलती है, जो पहले इसे बुक करते हैं। बुकिंग के बाद उन्हें पास मिलता है, जिससे वह रिटायरिंग रूम में ठहर सकते हैं। रिटायरिंग रूम को आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर बुक करा सकते हैं। रिटायरिंग रूम कराने का एक फायदा भी है। इससे यात्रियों को किसी शहर में महंगे किराये पर होटल में कमरा नहीं लेना पड़ता।