रेलवे ने शनिवार को एक बयान में कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पिछले जून के महीने में 7.40 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के डिजाइनर ड्रग्स सहित विभिन्न मादक उत्पादों को बरामद किया और एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेन्सिस) के तहत 165 लोगों को गिरफ्तार किया।
नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाया देशव्यापी अभियान
आरपीएफ को अप्रैल 2019 से एनडीपीएस एक्ट के तहत तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी करने का अधिकार दिया गया है और इस अवैध व्यापार को प्रतिबंधित करने के लिए सरकार के प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लेता है। इसने जून के महीने में ऑपरेशन 'नारकोस' नाम से रेल के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महीने का देशव्यापी अभियान शुरू किया।
आरपीएफ ने आरोपियों को ऐसे बनाया निशाना
बयान में कहा गया है कि आरपीएफ ने ऑपरेशन के तहत रेलवे के माध्यम से मादक उत्पादों के वाहक/ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। बल के मुताबिक, अभियान के दौरान रेलवे के माध्यम से मादक पदार्थ इधर से उधर ले जाने वालों को निशाना बनाया गया। इसमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और अन्य सरकारी एजेंसियों का भी सहयोग लिया गया। इस दौरान पकड़े गए मादक पदार्थों और आरोपियों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपे गए आरोपी
बयान में कहा गया है, जून 2022 के महीने में आरपीएफ ने 7,40,77,126 रुपये मूल्य के डिजाइनर उत्पादों सहित विभिन्न मादक उत्पादों को बरामद किया है और अपने स्वयं के डोमेन के भीतर 165 लोगों को गिरफ्तार किया है और उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) को सौंप दिया है।
इसमें यह भी कहा गया है कि भारतीय रेलवे, यात्रियों और सामानों के परिवहन में अग्रणी भूमिका निभाता है और भारत में इसका सबसे व्यापक नेटवर्क है, लेकिन इसकी लंबी दूरी की ट्रेनों का इस्तेमाल अक्सर अपराधी एनडीपीएस की तस्करी के लिए विभिन्न राज्यों में ड्रग वाहकों को आम यात्रियों के रूप में छिपाने के लिए करते हैं।