भारतीय रेल ने फ्लैक्सी किराया योजना से एक वर्ष से कम समय में 540 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय की है और उसकी इसे रोकने की कोई योजना नहीं है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस योजना को रेलवे ने पिछले साल 9 सितंबर से शुरू किया था।
यह राजधानी, शताब्दी और दूरंतो ट्रेनों में लागू होता है। इसके तहत 10 प्रतिशत सीटों को सामान्य किराये पर बेचा जाता है और उसके बाद सीटों की बुकिंग का किराया हर 10 प्रतिशत सीटों के लिए 10 प्रतिशत बढ़ जाता है, जो अधिकतम 50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
अधिकारी ने कहा, ‘हमने फ्लैक्सी किराये से कमाई की है और हमारे पास इसे बंद करने का कोई कारण नहीं है। इसकी वजह से इन ट्रेनों में हमें 85,000 अतिरिक्त यात्री मिले हैं और यह दिखाता है कि यात्री इसके विरोध में नहीं हैं।’
अधिकारी ने कहा कि सितंबर 2016 से 30 जून 2017 तक इस योजना से रेलवे को 540 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला है। अधिकारी ने कहा कि फ्लैक्सी किराया योजना की बार-बार समीक्षा की जाती है।
इस योजना वाली ट्रेनों में सीटें खाली रहने के मद्देनजर पिछले साल दिसंबर में इसकी समीक्षा की गई थी। उन्होंने बताया कि अंतिम समय में यात्रियों को आकर्षित करने के लिए रेलवे फ्लैक्सी किराया ढांचे में बदलाव करता रहता है।