इन आरोपों के बाद एनसीबी के अफसर सामने आए। उन्होंने केपी गोसावी और भानुशाली को अपना गवाह बताया। एजेंसी ने कहा कि कानून के मुताबिक सिर्फ गोसावी और भानुशाली ही नहीं, बल्कि 10 बाहरी लोगों की क्रूज पर रेड के दौरान मदद ली गई थी। ये सभी जांच एजेंसी के गवाह हैं।
दरअसल, मलिक ने बुधवार को महाराष्ट्र एनसीपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसी में उन्होंने दावा किया आर्यन के साथ सेल्फी लेने वाला केपी गोसावी एक फ्रॉड व्यक्ति है और खुद को प्राइवेट डिटेक्टिव बताता है। उसके खिलाफ पुणे में फर्जीवाड़े का केस दर्ज है। उन्होंने दावा कि भानुशाली की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस के साथ तस्वीरें मौजूद हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसा कैसा हो सकता है कि भाजपा का एक नेता आर्यन खान को घसीटकर अपने साथ ले जा रहा है। इस बात का जवाब एजेंसी को देना चाहिए।