कांग्रेस सीधे और आक्रामक तौर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से भिड़ती हुई दिखना चाहती है। यही कारण है कि राहुल गांधी अपनी महायात्रा बीच में छोड़कर मानहानि के मामले में गुवाहटी की एक अदालत में पेश होने जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि असम के बारापेटा सत्रह स्थित मॉनेस्टरी में दर्शन के लिए रोके जाने पर राहुल ने आरएसएस पर आरोप लगा उसे जिम्मेदार ठहराया था।
आरएसएस के एक कार्यकर्ता ने इसी को लेकर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। आरएसएस के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए ही राहुल गांधी की यात्रा को एक दिन का ब्रेक दिया गया है। राहुल बृहस्पतिवार को गुवाहाटी की अदालत में होंगे और लौटने के ठीक बाद अगले दिन उनकी यात्रा का पड़ाव अलीगढ़ होगा।
दरअसल रणनीतिकार एक महीने से इस प्रयास में जुटे हैं कि कांग्रेस सीधे तौर पर आरएसएस और उसकी विचारधारा की विरोधी दिखे। तभी सुप्रीम कोर्ट में भी राहुल गांधी ने अपने खिलाफ मुकदमे को डटकर लड़ने का फैसला लिया था। जबकि पहले कांग्रेस का एक गुट इस मामले में यू टर्न लेने को तैयार था।