कांग्रेस गुजरात विधानसभा चुनाव में ‘जय’ में अपनी विजय देख रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति बदली है और हमले तेज कर दिए हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात दौरे में इस बात की परवाह किए बगैर कि उनके संसदीय क्षेत्र अमेठी में अमित शाह, योगी आदित्यनाथ और स्मृति ईरानी डेरा डाले हैं। राहुल के भाषणा और ट्वीट जय शाह पर केंद्रित हैं।
अमेरिका दौरे और पार्टी अध्यक्ष की कमान संभालने की तैयारियों के बीच राहुल खुद को साबित भी करना चाहते हैं। लिहाजा इस दौरान उन्होंने अपनी भाषण शैली में भी बदलाव किया है।
जय शाह के मामले को राहुल गुजरात तक ही नहीं रखना चाहते है। इसे जनमानस की धारणा बनाने के लिए लच्छेदार, मुहावरे वाली भाषा को राजनीतिक चाशनी में डुबोकर पेश कर रहे हैं। वहीं पार्टी नेता देश भर में प्रेस कांफ्रेस कर इन्हीं शब्दों के साथ अपनी बात रख रहे हैं।
राहुल बहुत सोच समझकर शब्दों का चयन कर रहे हैं। जैसे शहजादे का शब्द का प्रयोग कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहुल के लिए करते थे। राहुल ने उसी शब्द को शाह-जादा बनाकर सीधे तौर पर भाजपा अध्यक्ष पर निशाना साधा है।
राहुल ने मंगलवार को दो ट्वीट किए जो सीधे तौर पर सरकार की योजनाओं, स्लोगन और नीतियों को हिट करते हैं। राहुल ने ट्वीट किया है कि बेटी बचाओ से बेटा बचाओ के रूप में आश्चर्यजनक बदलाव। यानि सरकार बेटी बचाने आगे बढ़ी थी और बेटा बचाओ में बदल गई। इस ट्वीट में भी राहुल ने शाह-जादा शब्द का इस्तेमाल किया है।