फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'ड्रैगन' को लेकर राहुल गांधी की सुन रही है सरकार!: घुसपैठ को लेकर पांच दिन में तीन बार चेता चुके हैं कांग्रेस नेता

सार

राहुल गांधी ने चीन बॉर्डर पर कथित घुसपैठ को लेकर बीते पांच दिन में तीन बार केंद्र सरकार को चेताया है। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने 31 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश की एक खबर को लेकर ट्वीट किया था। उसमें लिखा था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश की 15 जगहों के नाम परिवर्तित कर दिए हैं, उन्हें चीनी नाम दे दिया गया है...
विज्ञापन
राहुल गांधी - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, भारत-चीन सीमा विवाद पर पैनी नजर रखे हुए हैं। उन्हें जैसे ही कथित घुसपैठ जैसा कुछ मालूम पड़ता है तो वे सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार से सवाल करने लगते हैं। अभी हाल ही में जब ड्रैगन ने गलवान घाटी में अपने सैनिकों का एक वीडियो जारी किया, तो कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने झट से ट्वीट कर दिया। उसमें लिखा, गलवान पर हमारा तिरंगा ही अच्छा लगता है, चीन को जवाब देना होगा, मोदी जी, चुप्पी तोड़ो!। इसके बाद सोशल मीडिया में यह मुद्दा काफी उछला। नतीजा, मंगलवार को गलवान घाटी में तिरंगे के साथ भारतीय सैनिकों की एक तस्वीर जारी कर दी गई। हालांकि भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय या विदेश मंत्रालय द्वारा इस बाबत कोई वक्तव्य जारी नहीं किया गया।

विज्ञापन


राहुल गांधी ने चीन बॉर्डर पर कथित घुसपैठ को लेकर बीते पांच दिन में तीन बार केंद्र सरकार को चेताया है। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने 31 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश की एक खबर को लेकर ट्वीट किया था। उसमें लिखा था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश की 15 जगहों के नाम परिवर्तित कर दिए हैं, उन्हें चीनी नाम दे दिया गया है। इस पर राहुल गांधी ने लिखा, अभी कुछ दिनों पहले हम 1971 में भारत की गौरवपूर्ण जीत को याद कर रहे थे। देश की सुरक्षा और विजय के लिए सूझबूझ व मजबूत फैसलों की जरूरत होती है। खोखले जुमलों से जीत नहीं मिलती!। यह मुद्दा सोशल मीडिया में भी काफी उछलता रहा। राहुल गांधी के अलावा अन्य विपक्षी दलों ने भी इस बाबत चिंता जाहिर की।

दो जनवरी 2022 को राहुल गांधी ने लिखा, गलवान पर हमारा तिरंगा ही अच्छा लगता है। चीन को जवाब देना होगा। मोदी जी, चुप्पी तोड़ो!। चीन ने लद्दाख की उसी गलवान घाटी का एक वीडियो जारी किया था, जहां पर 2020 में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इसमें भारतीय सेना के 20 जवानों को शहादत देनी पड़ी। इस वीडियो में दिखाया गया है कि चीनी सैनिक वहां पर अपना झंडा लहरा रहे हैं। यह वीडियो खूब वायरल हुआ था। कांग्रेस पार्टी ने सरकार से जवाब मांगा। केंद्र सरकार ने इस वीडियो को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया। मंगलवार को भारतीय सेना के कुछ फोटो सामने आए जिसमें जवान गलवान घाटी में तिरंगे के साथ खड़े हैं। ये फोटो सामने आने के बाद चीन के वीडियो को फेक बताया जाने लगा। सोशल मीडिया पर किसी ने लिखा कि ये वीडियो पुराना है। अब वहां पर बर्फ है। चीन के वीडियो में ऐसा कुछ नहीं है। यह चीन की दुष्प्रचार नीति का हिस्सा है।
विज्ञापन


चार जनवरी को मीडिया में खबर में आई कि चीन, एलएसी के निकट पेंगोंग लेक पर पुल बना रहा है। यह पुल लेक के उत्तरी और दक्षिणी किनारे को आपस में जोड़ेगा। सामरिक दृष्टि से यह भारत के लिए ठीक नहीं है। इस इलाके में लंबे समय तक दोनों देशों की सेनाओं के बीच विवाद चलता रहा है। राहुल गांधी ने इस खबर को टैग कर ट्वीट कर दिया। उसमें लिखा कि 'पीएम की चुप्पी गगनभेदी है'। हमारी जमीन, हमारे लोग, हमारी सीमाएं 'बेहतर' के हकदार हैं।

29 दिसंबर को राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा, जुमलों की सरकार है, झूठ-ढोंग-दिखावा अपार है। देश को अब झोला उठने का इंतजार है!। यह ट्वीट, चीन के साथ भारत के बढ़ते व्यापार को लेकर किया गया था। इसमें भी उन्होंने एक खबर को टैग किया था। उसमें लिखा था कि यह व्यापार सौ अरब डालर के पार हो गया है। ड्रैगन के साथ व्यापार क्यों बढ़ा रही है मोदी सरकार। केंद्र सरकार ने इस बाबत राहुल के सवाल का जवाब नहीं दिया।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें