BJP: भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतांत्रिक प्रणाली को कई बार नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, कांग्रेस मुद्दों को टालने और भटकाने की कोशिश कर रही है। देश के लोग बहुत परेशान हैं, जब से उन्हें पता चला कि जॉर्ज सोरोस नाम का व्यक्ति हमारे देश की स्थिरता को नुकसान पहुंचाना चाहता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संसद परिसर में मिमिक्री करने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की। नड्डा ने कसते हुए कि उनका व्यवहार 'कॉलेज के लड़के' जैसा था। राज्यसभा के नेता नड्डा ने कहा, भारत के उप राष्ट्रपति का पद संविधानिक है और राहुल गांधी उनकी मिमिक्री कर रहे हैं और इस तरह के वीडियो बनाकर उन्हें उकसा रहे हैं।
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'कॉलेज के दिनों की याद दिलाता है राहुल का व्यवहार'
नड्डा ने कहा, यह उनका (लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी) अपरिपक्व और बचकाना व्यवहार था। यह मुझे अपने कॉलेज के दिनों की याद दिलाता है, जब विपक्ष और सत्तापक्ष के छात्र इसी तरह के व्यवहार करते थे। कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी ने इस पर एक शब्द भी नहीं कहा है।
'सोनिया गांधी और जॉर्ज सोरोस के क्या संबंध हैं'
भाजपा नेता ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने लोकतांत्रिक प्रणाली को कई बार नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, कांग्रेस मुद्दों को टालने और भटकाने की कोशिश कर रही है। देश के लोग बहुत परेशान हैं, जब से उन्हें पता चला कि जॉर्ज सोरोस नाम का व्यक्ति हमारे देश की स्थिरता को नुकसान पहुंचाना चाहता है। देश यह जानना चाहता है कि सोनिया गांधी और जॉर्ज सोरोस के बीच क्या संबंध हैं। हम इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे।
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राहुल गांधी ने संसद परिसर में लिया था मॉक इंटरव्यू
राहुल गांधी को दस दिसंबर को संसद परिसर में एक मॉक इंटरव्यू करते हुए देखा गया था, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी का मुखौटा पहने हुए लोगों के साथ सवाल-जवाब कर रहे थे। जेपी नड्डा ने राज्यसभा के सभापति के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आरोप की भी आलोचना की और कहा कि कांग्रेस प्रमुख खरगे ने कल राज्यसभा सभापति के खिलाफ आरोप लगाए। मल्लिकार्जुन खरगे एक वरिष्ठ नेता हैं, उन्हें जानकारी होनी चाहिए कि सभापति का फैसला अंतिम और अपरिवर्तनीय होता है। इस तरह के आरोप लगाना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
'खरगे को संसद में बोलने के लिए मिला था पर्याप्त समय'
नड्डा ने यह भी कहा कि खरगे को संसद में बोलने के लिए पर्याप्त समय मिला था। लेकिन उन्होंने कहा कि वह बोलेंगे नहीं। उन्हें चेंबर से बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। यह दिखाता है कि कांग्रेस पार्टी का मकसद सदन में सहयोग करना नहीं है। वह संसद के कामकाज में बाधा डालना चाहते हैं।
उप राष्ट्रपति धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने 10 दिसंबर को राज्यसभा के सचिवालय में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। विपक्षी गठबंधन के दलों ने प्रेस कॉन्फ्रेस में आरोप लगाया था कि राज्यसभा के सभापति संसद की कार्यवाही में पक्षपातपूर्ण तरीके से फैसले ले रहे हैं। खरगे ने आरोप लगाया था कि राज्यसभा के सभापति खुद सरकार के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं और इससे उनकी पदोन्नति की उम्मीद है।