सार
भारतीय वायु सेना (IAF) ने ट्विटर पर एक अपडेट साझा किया है। इसमें राफेल विमान की विमान की तस्वीर के साथ लिखा है, 'इंतजार खत्म, पैक पूरा'। 36 राफेल विमानों में से आखिरी विमान यूएई वायु सेना के टैंकर के जरिए एक द्रुतगामी मार्ग से भारत में उतरा।'
देश की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना भी पूरी तरह तैयार है। वायुसेना ने गुरुवार को ट्वीट कर बताया कि फ्रांस से खरीदे गए 36 राफेल विमानों में से अंतिम विमान भी भारतीय सरजमीं पर उतर गया है। इसके साथ ही खेप पूरी हो गई है।
भारतीय वायु सेना (IAF) ने ट्विटर पर एक अपडेट साझा किया है। इसमें राफेल विमान की विमान की तस्वीर के साथ लिखा है, 'फीट ड्रॉय, पैक पूरा! 36 राफेल विमानों में से आखिरी विमान यूएई वायु सेना के टैंकर के जरिए एक द्रुतगामी मार्ग से भारत में उतरा।' भारतीय वायुसेना व देश की सुरक्षा के लिए गेमचेंजर माने जा रहे राफेल विमानों की पहली खेप में पांच विमान अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर जुलाई 2020 में उतरे थे।
इन्हें 17 स्क्वाड्रन 'गोल्डन ऐरो' का हिस्सा बनाया गया था। इस बेड़े को सरकार ने इसके एक साल पहले ही पुनर्गठित किया था। पांचों विमानों को एक माह बाद वायुसेना में शामिल कर लिया गया था। देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए राफेल डील गेमचेंजर साबित हुई है। उस वक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि राफेल करार दुनिया और खासकर उनको संदेश है, जो भारत की संप्रभुता को चुनौती देते हैं। 9 अरब डॉलर की राफेल डील वायुसेना के बेड़े में नए विमान शामिल करने के इरादे से की गई थी।
भारत को अंतिम चार लड़ाकू विमानों में से तीन इसी साल फरवरी में मिले थे। ये लड़ाकू विमान पूरी तरह से भारत की खास रक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर सुसज्जित किए गए हैं। इनमें हेलमेट-माउंटेड विजन, रडार रिसीवर, 10 घंटे की उड़ान लायक ईंधन टैंक, उड़ान डेटा रिकॉर्डर, इन्फ्रा-रेड सर्च और ट्रैक सिस्टम और अपनी ओर आने वाली मिसाइलों को नष्ट करने जैसी तकनीकें हैं। अनुमानित रूप से प्रत्येक राफेल विमान की कीमत 670 करोड़ रुपये है।