2016 के लिए क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी कर दी गई है। हर वर्ष की तरह इस बार भी रैंकिंग संस्थानों की पढ़ाई और व्यवस्था की गुणवत्ता के आधार पर तय की गई है। फेहरिस्त में 44 विश्वविद्यालयों के नाम हैं, जिनमें भारत के विश्वविद्यालयों ने भी जगह बनाई है।
क्यूएस यानी क्वैकक्वारेली साइमंड्स दुनिया के विश्वविद्यालयों का विश्लेषण कर उनकी रैंकिंग तय करने वाली संस्था है। हर वर्ष यह संस्था ब्रिक्स यानी ब्राजील, चीन, भारत, रूस और दक्षिण अफ्रीका के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग तय करती है।
भारत के विश्वविद्यालयों ने रैंकिंग में अपनी जगह तो बनाई है, लेकिन दुर्भाग्यवश वे पिछली साल की अपेक्षा रैंकिंग में कुछ नीचे हो गए हैं।
बंगलुरू के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस को छठा रैंक मिला है, जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय के रैंक में कुछ सुधार आया है, उसे 41वां स्थान मिला है। पिछले वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय का रैंक 46वां था।
सभी ब्रिक्स देशों को दुनिया की 250 अच्छे विश्वविद्यालयों में शामिल उनके विश्वविद्यालयों पर गर्व है। फेहरिस्त में 86 विश्वविद्यालयों के नामों के साथ चीन शीर्ष पर है। रूस के 55 विश्वविद्यालयों के नाम लिस्ट में शामिल हैं और ब्राजील के 54 विश्वविद्यालयों ने लिस्ट में जगह बनाई है।
भारत का कौन सा संस्थान किस रैंक पर?
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भारत की जिन 10 यूनिवर्सीटीज ने क्यूएस में रैंकिंग पाई है, उनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस छठें नंबर पर है, लेकिन भारत में पहले स्थान पर है। आआईटी बॉम्बे को क्यू
एस ने 13वां दिया है, जबकि भारत में यह दूसरे नंबर पर है। आईआईटी दिल्ली को क्यूएस ने 15वीं रैंक दिया है, जबकि भारत में यह तीसरे स्थान पर है।
19वीं रैंक पर क्यूएस ने आईआईटी मद्रास को रखा है, जबकि भारत में ये चौथे स्थान पर है। पांचवें नंबर पर आईआईटी कानपुर है, जबकि क्यूएस ने इसे 22वीं रैंक दी है।
टॉप 20 में आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली और मद्रास
आईआईटी खड़गपुर को क्यूएस ने 25वीं रैंक पर रखा है, यह भारत में छठें स्थान पर है। सातवें स्थान पर आईआईटी रुड़की है, जबकि क्यूएस ने इसे 39वें स्थान पर रखा है।
क्यूएस ने दिल्ली विश्वविद्यालय को 41वीं, कलकत्ता विश्वविद्यालय को 54वीं और आईआईटी गुवाहाटी को 54वीं रैंक पर रखा है, जो कि भारत में क्रमश: आठवें, नौवें और दसवें स्थान पर हैं।
इस प्रकार टॉप 20 में आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली और मद्रास के नाम शामिल हैं।