पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा भारत के विदेश नीति के संदर्भ में दिए गए बयान पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह एक राजनीतिक बयान था न कि किसी नीति के तहत दिया गया बयान। प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जहां तक चीन की बात है तो सारी चीजें साफ हैं कि कैसे स्थिति उत्पन्न हुईं।
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पूर्व पीएम मनमोहन का वीडियो संदेश, पीएम मोदी पर निशाना
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पंजाबी में दिए गए एक वीडियो संदेश में मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार विदेश नीति के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। मनमोहन ने यह भी आरोप लगाया कि चीनी सैनिक पिछले एक साल से हमारी पवित्र भूमि पर कब्जा कर रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रवक्ता ने कहा, जहां तक चीन का संबंध है, मामले के तथ्य स्पष्ट हैं, मुझे उन्हें दोहराने की आवश्यकता नहीं है। हम चीन के साथ बातचीत की प्रक्रियाओं और स्थिति कैसे उत्पन्न हुई है, इस पर चर्चा कर रहे हैं। मनमोहन सिंह ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पुराने दोस्त लगातार हमसे दूर हो रहे हैं, जबकि पड़ोसी देशों के साथ हमारे संबंध भी खराब हो रहे हैं।
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जानिए क्या-क्या कहा डॉ. मनमोहन ने
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा, मुझे उम्मीद है कि अब तक सत्तारूढ़ सरकार को यह अहसास हो गया होगा कि नेताओं को जबरदस्ती गले लगाने, उनके साथ झूले पर झूलने या बिन बुलाए बिरयानी खाने से देशों के बीच संबंध नहीं सुधरते हैं। मनमोहन का इशारा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 2014 की भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी का उनके साथ झूला झूलने और 2015 में तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मिलने के लिए उनका अचानक लाहौर चले जाने की तरफ था।