पंजाब के चुनावी नतीजों ने साफ कर दिया है कि जो जनहित के काम (डिलीवरी) नहीं करेगा, वो कुर्सी से नीचे जाएगा। बतौर रामिंद्र सिंह, पंजाब के लोग हर सूरत में डिलीवरी चाहते हैं। मतलब जो पार्टी लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी, उसे ही मौका मिलेगा। आज आम आदमी पार्टी को पंजाब में जो भारी जीत मिली है, उसमें एक मुख्य बात ये भी है कि लोग पुराने दलों को सबक सिखाना चाहते थे। लोगों ने सार्थक बदलाव के लिए 'आप' को मौका दिया है। आप सरकार को एक साल में डिलीवरी देनी होगी।
पंजाब में नशे की जबरदस्त समस्या है। 'चिट्टा' (सिंथेटिक ड्रग्स) का बोलबाला है। युवाओं में विदेश जाने की होड़ मची है। युवाओं का प्रयास है कि वे किसी तरह विदेश चले जाएं। भगवंत मान को इस बाबत कुछ करके दिखाना होगा। कृषि और नौकरी का मुद्दा बड़ा है। राज्य पर 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। पानी नीचे जा रहा है। खेती किसानी घाटे का सौदा साबित हो रही है। पंजाब के लोग सिख चेहरा चाहते थे। केजरीवाल ने लोगों की इस भावना को समझा। अब भगवंत मान की बारी है। रामिंद्र सिंह कहते हैं, पंजाब सीमावर्ती राज्य है। पाकिस्तान की तरफ से तोड़फोड़ के प्रयास चलते रहते हैं। आए दिन ड्रोन गिराए जा रहे हैं। सीमा पार से नशा और हथियार आ रहे हैं। मान को इन तमाम चुनौतियों के साथ खालिस्तानी गतिविधियों से भी निपटना होगा।