केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पंजाब सरकार पर हमला बोला है, उन्होंने आरोप लगाया है कि निजी मिलों को गेहूं का स्टॉक भेजा जा रहा है। मंत्री ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार गरीब परिवारों को वितरण के लिए केंद्र द्वारा आपूर्ति किए गए गेहूं के स्टॉक को निजी मिलों में भेज रही है।
मंत्री गोयल ने बताया, 'हम स्थानीय पंजाब सरकार को गेहूं दे रहे हैं और वे इसे स्थानीय उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरित करने के बजाय इसे निजी मिलों में भेज रहे हैं, इसे आटे में बदल रहे हैं। इसके अलावा उच्च गुणवत्ता वाले सरकारी गेहूं को खराब गुणवत्ता वाले गेहूं के साथ मिलाने के मामले सामने आए हैं।' वहीं, उपभोक्ताओं को आटा देकर सेवा देने की आड़ में, वे पंजाब के लोगों को अनाज उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।'
गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से बांटने के लिए गेहूं भेजना होगा ताकि गरीब सस्ते में अनाज खरीद सकें। उन्होंने कहा 'उचित मूल्य की दुकानों को अनाज देते समय खरीदार का बायोमेट्रिक्स लेना होगा और आधार विवरण के साथ इसका मिलान करना होगा। मैं पंजाब सरकार को लगातार लिखता रहा हूं और मुझे उम्मीद है कि पंजाब सरकार इस प्रथा को बंद कर देगी।'
बंगाल सरकार पर भी साधा निशाना
पश्चिम बंगाल के मामले में, उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अन्य उद्देश्यों के लिए धन का उपयोग करती है और अक्सर उपयोगिता प्रमाण पत्र बनाने जैसे निर्धारित मानदंडों का पालन नहीं करती है। यह आश्चर्य करते हुए कि राज्य सरकार धन जारी न करने के बारे में शिकायत क्यों करती है, उन्होंने कहा, 'जब तक प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता है और धन का उपयोग सही उद्देश्य के लिए नहीं किया जाता है, उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है, जाहिर तौर पर (केंद्र) सरकार नया कोष जारी नहीं कर सकती है।'