पूर्व पार्षद वनराज आंदेकर की नृशंस हत्या की जांच कर रही पुणे पुलिस ने उनकी दो बहनों और उनके पतियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। प्रथम दृष्टया हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और पारिवारिक, संपत्ति संबंधी विवाद होने का संदेह है।
इस तरह से वारदात को दिया गया था अंजाम
वनराज आंदेकर पुणे नगर निगम को राज्य प्रशासक के अधीन लाए जाने से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अविभाजित) से जुड़े थे। जानकारी के मुताबिक उनपर रविवार की रात करीब साढ़े नौ बजे नाना पेठ इलाके में आठ से नौ लोगों के एक समूह ने हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि वनराज आंदेकर पर कथित तौर पर कुछ राउंड फायर की गई थी, इस दौरान उनकी गर्दन और सिर पर धारदार हथियारों से भी हमला किया गया था।
पुरानी दुश्मनी और पारिवारिक विवाद की आशंका
मामले में संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा ने कहा, हमने हमले के सिलसिले में मृतक की दो बहनों और उनके पतियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, हमले के पीछे की वजह की अभी जांच की जा रही है, लेकिन प्राथमिक जांच में पुरानी दुश्मनी और पारिवारिक, संपत्ति संबंधी विवाद माना जा रहा है। आरोपियों की पहचान जयंत कोमकर, गणेश कोमकर, कल्याणी और संजीवनी के रूप में हुई है।
परिवार ने सभी के खिलाफ दर्ज कराई थी FIR
पुलिस अधिकारी ने कहा कि वनराज आंदेकर के परिवार के सदस्यों की तरफ से एफआईआर में चारों के शामिल होने का आरोप लगाए जाने के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच विवाद रविवार को पहले ही पुलिस थाने पहुंच गया था और गैर-संज्ञेय अपराध दर्ज करके निवारक कार्रवाई की गई थी, क्योंकि यह प्रथम दृष्टया घरेलू मुद्दा था। पुलिस ने मामले के कई पहलुओं की जांच के लिए कई टीमें बनाईं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होगा वारदात का खुलासा
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि धारदार हथियारों से किए हमले की विस्तृत जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चल पाएगी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रवीण पाटिल ने मामले में कहा कि हालांकि गवाहों ने दावा किया था कि कुछ गोलियां चलाई गईं, लेकिन आंदेकर के सिर और गर्दन पर धारदार हथियारों से चोटें लगने के कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा, मृतक के कपड़ों में एक खाली कारतूस मिला है।