झारखंड में पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार को कई आदिवासी संगठनों ने प्रदेश बंद का आह्वान किया है। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने बताया कि करीब 20 संगठन इस आह्वान से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, ईडी के साथ सहयोग करने के बावजूद हेमंत सोरेन का गिरफ्तार कर लिया गया। हम इसका विरोध करते हैं। हालांकि, इस बंद से स्कूलों को बाहर रखा गया है।
तिर्की आगे ने कहा कि बंद से आपातकालीन सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। अगर स्कूल गुरुवार को खुले तो हम उन्हें परेशान नहीं करेंगे। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित भूमि धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सात घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद सोरेन को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, गिरफ्तारी से पहले सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा दे दिया था।
दरअसल, हेमंत सोरेन के खिलाफ दो अलग-अलग मामले चल रहे हैं। इनमें पहला मामला अवैध खनन लीज पट्टे से जुड़ा है, जबकि दूसरा अवैध जमीन घोटाले से जुड़ा है। कहा जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) किसी भी समय उन्हें गिरफ्तार कर सकता है। बता दें कि हेमंत सोरेन पर एक मामला पद के दुरुपयोग का भी चल रहा है। जिससे जुड़ी रिपोर्ट चुनाव आयोग राज्यपाल को सौंप चुका है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए दस समन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पहला समन 8 जुलाई को जारी किया गया था और 14 अगस्त को हाजिर होने के लिए कहा गया था। इसके बाद समय-समय पर उन्हें समन जारी किए गए और हाजिर होने के लिए कहा गया। लेकिन सोरेन नहीं पहुंचे। एजेंसी ने उन्हें खुद ही समय और जगह तय करने के लिए भी कहा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 13 जनवरी को आठवें समन के बाद पहली बार सोरेन से पूछताछ हुई। दसवां समन 27 जनवरी को जारी किया गया और उनसे 29 जनवरी से 31 जनवरी के बीच समय और स्थान तय करने के लिए कहा गया था।