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Manipur Protest Rallies: सरकारी बस से राज्य का नाम हटाने पर भड़के लोग; इंफाल में विरोध प्रदर्शन, दिखा जनाक्रोश

Sat, 24 May 2025 03:29 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर में सरकारी बस से मणिपुर राज्य शब्द हटाने के खिलाफ इंफाल वेस्ट और इंफाल ईस्ट जिलों में लोगों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राजभवन की ओर मार्च किया और मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इतना ही नहीं सीओसीओएमआई ने 48 घंटे का राज्यव्यापी बंद का ऐलान भी किया है। 

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मणिपुर में विरोध करते लोग - फोटो : PTI
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विस्तार
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मणिपुर में एक सरकारी बस से राज्य का नाम हटाने की घटना ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। शुक्रवार शाम को इंफाल वेस्ट और इंफाल ईस्ट जिलों में इस घटना के खिलाफ लोगों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने "मणिपुर की अस्मिता के साथ खिलवाड़ बंद करो" जैसे नारों के साथ राज्यपाल भवन (राजभवन) की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया। इतना ही नहीं, इंफाल ईस्ट के कोग्बा और लैमलोंग इलाकों में लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर भी विरोध जताया। 

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राज्यव्यापी बंदी का एलान भी
मामले में इंफाल ईस्ट के कोग्बा और लैमलोंग इलाकों में लोगों ने मानव श्रृंखलाएं बनाकर भी विरोध दर्ज कराया। साथ ही इस पूरे घटनाक्रम के खिलाफ मणिपुर की मेइती समुदाय की संस्था कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी (COCOMI) ने 48 घंटे की राज्यव्यापी बंदी का ऐलान किया है।
 

मानव श्रृंखला बनाकर विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी - फोटो : PTI

बता दें कि यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब मंगलवार को पत्रकारों को ‘शिरुई लिली’ महोत्सव के कवरेज के लिए उखरुल जिले ले जा रही एक सरकारी बस को सुरक्षा बलों ने रास्ते में रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर आरोप लगाया है कि बस की विंडशील्ड पर लिखे मणिपुर राज्य शब्द को कागज से ढंकने के लिए कहा गया। इसको लेकर राज्य में विरोध तेज हो गया।

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'ऐतिहासिक और सांस्कृति पहचान का अपमान'
मामले में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह घटना मणिपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अपमान है। वहीं एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि इस घटना ने साफ कर दिया है कि राज्य के उच्च अधिकारी मणिपुर की सांस्कृतिक विरासत को समझते ही नहीं।

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राजभवन जाते प्रदर्शनकारियों को रोकते पुलिसकर्मी - फोटो : PTI
सरकार ने दिए जांच के आदेश
मामले में बढ़ते गर्माहट को देखते हुए सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। गृह विभाग ने आदेश जारी कर बताया कि एक दो-सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है, जो 20 मई को ग्वालताबी चेकपोस्ट पर पत्रकारों को ले जा रही बस और सुरक्षा बलों के बीच हुई घटना की पूरी जांच करेगी।
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