कर्नाटक में गणेश चतुर्थी का लेकर लागू पाबंदियों के खिलाफ बेंगलुरु गणेश उत्सव समिति, विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने समारोह पर प्रतिबंध के खिलाफ बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार ने हर वार्ड में एक गणेश प्रतिमा रखने का आदेश दिया है। यह गलत है।
इस बीच मुंबई पुलिस ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर पंडालों में गणपति की मूर्तियों के दर्शन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। पुलिस ने कहा है कि आयोजकों को डिजिटल दर्शन की व्यवस्था करनी चाहिए। बता दें कि कोरोना के बढ़ते मामलों और तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच हर राज्य और जिला प्रशासन भीड़ पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है।
मुंबई में कल से धारा 144 लागू
पुलिस ने 10-19 सितंबर तक के लिए मुंबई में धारा 144 सीआरपीसी लागू कर दी है। इस दौरान गणपति जुलूस की अनुमति नहीं होगी। एक जगह पर पांच से ज्यादा लोगों को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं होगी। भक्त ऑनलाइन गणपति के दर्शन कर सकेंगे। मुंबई पुलिस आयुक्तालय के अधिकार क्षेत्र के तहत आदेश लागू कर दिए गए हैं।
कर्नाटक में सरकार और बीबीएमपी के आदेश से भ्रम के हालात
वहीं, कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने एक निर्णय लिया है और बीबीएमपी ने गणेश चतुर्थी के संबंध में अपने नियम कायदे तय किए हैं। मैंने बीबीएमपी आयुक्त, मंत्रियों और पुलिस आयुक्त से चर्चा करने और भ्रम दूर करने को कहा है। बैठक के बाद शाम तक अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे अन्य जिलों से भी गणेश चतुर्थी उत्सव से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। वरिष्ठ अधिकारी शाम तक इस मुद्दे से संबंधित निर्णय लेंगे।