बंग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ शुरू हिंसा के खिलाफ मुंबई में भी लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है। बुधवार को दक्षिण मुंबई स्थित बंग्लादेश के दूतावास के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। वहीं, महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरिजी महाराज एवं मुंबई भाजपा अध्यक्ष व विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा ने बंग्लादेश के डिप्टी हाई कमिश्नर मोहम्मद लुत्फर रहमान को ज्ञापन देकर हिंदुओ पर हो रहे अत्याचार तत्काल रोकने की मांग की।
मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि बंगलादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और मंदिरो को तोड़ने के मामलों पर तत्काल रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हिंसा और महिलाओं पर अत्याचार नहीं रुका तो मुंबई में रह रहे घुसपैठियों पर उसी प्रकार का व्यवहार किया जाएगा, जैसा बंगलादेश में हिंदुओं पर किया जा रहा है।
वहीं, महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरिजी महाराज ने कहा कि भारत बांग्लादेश का हमेंशा अच्छा सम्बंध रहा है लेकिन इस तरह हिंदुओं पर अत्याचार होना, उस रिश्ते का हमेशा के लिए समाप्त कर देने जैसा है। बंग्लादेश में हिंदुओं का उत्पीड़न, भारत के हिंदू संत समाज के लिए सहन करने जैसा नहीं है।
इस दौरान उनके साथ मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, विश्वहिंदू परिषद के धनंजय पंडित, मुंबई भाजपा सचिव बिमल भूता, दक्षिण मुंबई भाजपा जिलाध्यक्ष शरद चिंतनकर, मकरंद नारवेकर आदि उपस्थित थे।
विहिप न मांग की कि सांसदों का एक दल बांग्लादेश भेजा जाए
इस बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बुधवार को मांग की कि पड़ोसी देश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की हालिया घटनाओं की जांच के लिए भारतीय सांसदों का एक दल बांग्लादेश भेजा जाए। इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। संगठन ने केंद्र सरकार से मामले में कड़ी कार्रवाई करने और पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री मंत्रीशेख हसीना की सरकार पर यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त दबाव बनाने की अपील की कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और उत्पीड़न न हो।
टीएमएसी ने भाजपा सरकार पर उठाए सवाल
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को बांग्लादेश में हिंदू आबादी पर हमलों पर केंद्र सरकार पर चुप्पी का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया। टीएमसी ने भाजपा से सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करके बंगाल में गिद्ध की राजनीति करने से परहेज करने को कहा। इस पर भगवा पार्टी ने पलटवार करते हुए आश्चर्य जताया कि आमतौर पर हर मुद्दे पर ट्वीट करने में दूसरों से आगे रहने वाली टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए हिंसा पर चुप हैं। सांसद और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सौगत रे ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले पर केंद्र सरकार, केंद्रीय मंत्री और यहां तक कि हमारे प्रधान मंत्री भी चुप क्यों हैं? हम सभी इस बात से चिंतित हैं कि उस देश में क्या हो रहा है। जाहिर है, हमें शेख हसीना सरकार के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की जरूरत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम वहां हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे।