प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले मैसूर विवि में पत्रकारिता के प्रोफेसर बीपी महेश गुरू मुश्किल में फंस गए हैं। प्रोफेसर गुरू को भगवान राम पर अपमानजनक टिप्पणी करने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
दरअसल कोर्ट द्वारा उनकी बेल की अपील नामंजूर किए जाने के बाद 17 जून को मैसूर कोर्ट से एक कांफ्रेंस के दौरान भगवान राम पर अभद्र टिप्पणी करने के कारण गिरफ्तार कर लिया गया था। गुरू ने रोहित वेमुला की शांति सभा के दौरान जनवरी में अभद्र टिप्पणी की थी।
गौरतलब है कि सालों से पत्रकारिता का पाठ मैसूर यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे प्रोफेसर गुरू इसके अलावा यूपीएससी कमेटी में भी योगदान देने के साथ कर्नाटक सर्विस कमिशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रोफेसर गुरू के साथ कार्यक्रम के दौरान रहे छात्र दिलीप कुमार बताते है कि भगवान राम पर सीता की उपेक्षा को लेकर की गई टिप्पणी से वहां मौजूद लोग नाराज हो गए थे।
इसके बाद करनाडु सर्वोदय सेना ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। इसके अलावा इसी वर्ष प्रोफेसर गुरू के खिलाफ मोदी और इरानी को लेकर की गई टिप्पणी पर केस दर्ज करवाया गया था। उन्होंने इरानी को थर्ड ग्रेड की अदाकारा करार देते हुए एचआरडी मिनिस्टर बनाए जाने के नाकाबिल बताया था।
इसके बाद गुरू ने महिषासुर को श्रृदांजलि देने का कार्यक्रम किया। उनके इन्हीं कृत्यों से नाराज मैसूर यूनिवर्सिटी ने सस्पेंड करने का विचार बना रही है। वहीं गुरू की गिरफ्तारी को मानवाधिकार कार्यकताओं ने गलत ठहराया है। इनमें प्रोफेसर कंचा इलाइया, तीस्ता सीतलवाड़, जयती घोष और शमशुल इस्लाम प्रमुख हैं।