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सुविधा ट्रेनों में यात्रियों पर नहीं हो रही 'प्रभु कृपा'

Sun, 17 Apr 2016 05:25 AM IST
नवनीत शरण/ अमर उजाला,नई दिल्ली
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- फोटो : Getty Images
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प्रीमियम ट्रेन का नाम बदलकर रेलवे ने सुविधा ट्रेन तो कर दिया लेकिन इस सुविधा ट्रेन में असुविधा ही असुविधा है। अन्य ट्रेनों से इस ट्रेन में यात्रियों से ज्यादा किराया वसूला जाता है। बावजूद इसके रेल यात्री इस ट्रेन की व्यवस्था को लेकर सबसे अधिक शिकायत कर रहे है। रेलवे की सोशल साइट पर प्रतिदिन मिलने वाली शिकायतों में 25-30 प्रतिशत शिकायतें सिर्फ सुविधा ट्रेन की है। इसका नतीजा यह भी हो रहा है कि इन दिनों सुविधा ट्रेन में यात्रियों का टोटा हो गया है।
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रेलवे मंत्रालय एक तरफ हाई स्पीड ट्रेन चलाने के साथ बेहतर साफ-सफाई, बेहतर खानपान की व्यवस्था करने का दावा कर रहा है तो दूसरी तरफ सुविधा ट्रेन को लेकर यात्रियों में काफी असंतोष है।

किराया तो उनसे राजधानी ट्रेन से भी ज्यादा वसूला जा रहा है, मूल किराये के साथ तत्काल चार्ज भी लिया जाता है। रेलवे व आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर यात्री जबरदस्त शिकायत कर रहे है।
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व्यस्त रूट पर नहीं चल रही सुविधा ट्रेन

- फोटो : PTI
रेल मंत्री सुरेश प्रभु के ट्विटर अकाउंट पर भी इसकी शिकायतें मिल रही है। यात्री सबसे अधिक शिकायत कैटरिंग व्यवस्था व ऑन बोर्ड सफाई की कर रहे है। रेलवे के अधिकारी भी दबी जुबान में यह कहते है कि ट्रेन में खाने को लेकर कैटरिंग चलाने वालों के साथ यात्री झगड़ पड़ते हैं और शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज कराते हैं।

बेहतर व्यवस्था नहीं होने के कारण अब तो रेलवे को इसका नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। रेल प्रशासन को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। शनिवार को नई दिल्ली से मुंबई जाने वाली सुविधा (22914) एक्सप्रेस ट्रेन की चार सौ से ज्यादा सीटें खाली ही रही।

सुविधा ट्रेन के रूट भी ऐसे चुने गए है जहां इन दिनों भीड़ काफी कम है। आंकड़े बताते है कि बंगाल, बिहार ही नहीं दिल्ली-लखनऊ जाने वाली राजधानी ट्रेनों में वेटिंग टिकट 400 का आंकड़ा पार कर रहा है लेकिन इस रूट पर सुविधा ट्रेन नहीं है। जबकि मुंबई राजधानी में वेटिंग 100 भी नहीं पहुंची और सुविधा एक्सप्रेस रवाना कर दी गई।

ऐसे में सवाल उठता है कि सुविधा ट्रेन इलाके देख कर चलाई जाती हैं ना कि यात्रियों की भीड़ देखकर।
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