कांग्रेस पार्टी में प्रियंका वाड्रा के पास कोई पद नहीं है लेकिन वह हमेशा सक्रिय राजनीतिक भूमिका में रही हैं। प्रियंका पर्दे के पीछे इन दिनों पार्टी के कामकाज में अधिक से अधिक समय और सुझाव दे रही हैं। भाई और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हर कदम को कामयाब बनाने के लिए प्रियंका वाड्रा साये की तरह पीछे खड़ी हैं।
दिल्ली के जन-वेदना सम्मेलन में प्रियंका ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाईं। सम्मेलन में जिस तरह राहुल कांग्रेसजनों के बीच हीरो की तरह उभरकर आए, उसके पहले की सर्द रात में प्रियंका ने घंटों तालकटोरा स्टेडियम में तैयारियों का जायजा लिया।
पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही मांग को दरकिनार कर प्रियंका ने खुद को प्रत्यक्ष रूप से पार्टी से अलग रखा है। कई बार मौके आए जब प्रियंका को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी देने की बात भी उठी। लेकिन प्रियंका की सक्रियता राहुल के पीछे एक मजबूत साये तक ही सीमित रही।