हत्या जैसे संगीन अपराध को अंजाम देने के बाद किसी व्यक्ति की जिंदगी अंधेरे में घिर जाती है। आजीवन कारावास जैसी कठोर सजा पाने के बाद उसके सामान्य जीवन में लौटने की संभावनाएं भी बहुत कम ही होती हैं। लेकिन बागपत जिला जेल में हत्या की सजा काट रहे एक कैदी ने सबके लिए अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।
हत्यारोपी एक कैदी बलराज ने एक म्यूजिक एलबम रिकॉर्ड कर जिंदगी में नई शुरुआत की है। बंदिश नाम के इस म्यूजिक एलबम में कुल दस गाने रिकॉर्ड किए गए हैं, जो लगभग एक घंटे की अवधि के हैं। इस एलबम को बागपत जेल में ही रिकॉर्ड किया गया है। एक सजायाफ्ता कैदी के इस प्रयास की चारों ओर तारीफ हो रही है। इस एलबम को दिल्ली में केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद येसो नाईक ने पिछले मंगलवार को जारी किया।
बंदिश एलबम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने कहा कि संगीत लोगों की हर तकलीफ को कम कर देता है। उसे एक शांति की राह पर ले जाता है। एक कैदी के द्वारा इस तरह का प्रयास मन को संतोष देता है। उन्होंने कहा कि जेल किसी व्यक्ति को सुधरने का एक अवसर देने की जगह होता है। ऐसे में अगर संगीत के जरिए किसी कैदी के जीवन में अच्छी पहल होती है तो यह एक अच्छा संदेश देता है। बंदिश एलबम को रिकॉर्ड कराए जाने के पीछे समाज सुधारक प्रदीप रघुनंदन की भूमिका काफी सराहनीय रही है। उनके प्रयास से ही यह एलबम रिकॉर्ड किया जा सका है।