फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

QUAD Summit: 24 मई को क्वाड समिट में शामिल होंगे पीएम मोदी, LAC पर चीन की हरकत को लेकर विदेश मंत्रालय ने यह कहा

Thu, 19 May 2022 06:08 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि बातचीत चल रही है। एलएसी के बारे में हमारी लगातार वार्ता होती रहती है। चीन के विदेश मंत्री भी आए थे, हमारी अपेक्षाएं भी उनके आगे रखी गईं। कोशिश रहेगी कि इसे आगे बढ़ाते रहें, बातचीत से समाधान निकालना पड़ेगा।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 मई को टोक्यो में क्वाड समिट में शामिल होंगे। यह क्वाड लीडर्स के बीच चौथा पारस्परिक संवाद होगा। ये हिन्द प्रशांत क्षेत्र और परस्पर हित के दूसरे विश्व मुद्दों पर विचार साझा करने का अच्छा अवसर होगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

विज्ञापन


विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी जापानी बिजनेस लीडर्स के साथ एक बिजनेस इवेंट में हिस्सा लेंगे। वह जापान में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे और उनके साथ बातचीत करेंगे। पीएम की ऑस्ट्रेलिया के पीएम के साथ द्विपक्षीय बैठक की भी संभावना है।

पैंगोंग त्सो झील के पास चीन द्वारा ब्रिज तैयार करने की खबरों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ब्रिज के बारे में रिपोर्ट देखी हैं, ये सैन्य मुद्दा है, इस पर मैं कुछ कह नहीं पाऊंगा, इसे हम अधिकृत क्षेत्र मानते हैं। 
विज्ञापन

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि बातचीत चल रही है। एलएसी के बारे में हमारी लगातार वार्ता होती रहती है। चीन के विदेश मंत्री भी आए थे, हमारी अपेक्षाएं भी उनके आगे रखी गई। कोशिश रहेगी कि इसे आगे बढ़ाते रहें, बातचीत से समाधान निकालना पड़ेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, पिछले साल काबुल में सुरक्षा स्थिति के चलते सभी भारतीय कर्मियों को अफगानिस्तान से बाहर निकालना पड़ा। अफगानिस्तान के साथ हमारे एतिहासिक संबंध हैं। जिसे देखते हुए हमने मानवीय सहायता जारी रखी। भारत गेहूं भेजा जा रहा है। दवाइयां भेजी हैं, वैक्सीन भी भेजी थी।

विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता की अहम बातें
  • बागची ने कहा कि खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि खाद्य सुरक्षा पर इस तरह के प्रतिकूल प्रभाव को प्रभावी ढंग से कम किया जाए और कमजोर लोगों को ऐसे बदलावों से बचाया जाए।
  • उन्होंने कहा कि हमने 13 मई को गेहूं निर्यात के संबंध में कुछ उपायों की घोषणा की। ये उपाय उन देशों को निर्यात की अनुमति देते हैं, जिन्हें अपनी खाद्य सुरक्षा मांगों को पूरा करने की आवश्यकता है और यह नीति सुनिश्चित करेगी कि हम वास्तव में उन लोगों के काम आएं, जिनकी जरूरत है।
  • विदेश मंत्रालय के मुताबिक, खाद्यान्न की समानता, सामर्थ्य और पहुंच के महत्व को पर्याप्त रूप से समझना आवश्यक है। भारत हमेशा सहयोगी रहा है और कोविड -19 के दौरान भी संकट में अपने सहयोगियों की मदद की है। गेहूं के निर्यात पर इन उपायों को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
  • यूएस के विशेष दूत उजरा जेया की यात्रा पर कहा कि उन्होंने भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर केंद्रित चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने दिसंबर 2021 में लोकतंत्र के लिए शिखर सम्मेलन में पीएम की भागीदारी पर भी चर्चा की, जिसकी मेजबानी यूएस राष्ट्रपति जो बाइडेन ने की थी।
  • भारतीय छात्रों की चीन वापसी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हम निश्चित रूप से उपाय करने के लिए चीनी पक्ष पर दबाव डालना जारी रखेंगे, ताकि जो भारतीय छात्र वापस जाना चाहते हैं, वे वापस जाएं और प्रतिबंधों के कारण अब और परेशान न हों।

विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें