पीमए नरेंद्र मोदी जी-20 के अलावा जलवायु परिवर्तन पर 26वें शिखर सम्मेलन (सीओपी-26) में हिस्सा लेने के लिए 29 अक्तूबर से 2 नवंबर तक इटली, ग्लासगो, ब्रिटेन की यात्रा करेंगे। माना जा रहा है कि पीएम जी-20 की अहम बैठक में दुनिया से अफगानिस्तान पर संयुक्त दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान संकट, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और कोरोना महामारी से पूरी दुनिया को साझा प्रयास से निपटने का आह्वान करेंगे। दो दिवसीय शिखर वार्ता 30 अक्तूबर से इटली में शुरू हो रही है। पीएम मोदी इटली और ब्रिटेन की पांच दिवसीय यात्रा पर बृहस्पतिवार को रवाना होंगे।
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पीमए नरेंद्र मोदी जी-20 के अलावा जलवायु परिवर्तन पर 26वें शिखर सम्मेलन (सीओपी-26) में हिस्सा लेने के लिए 29 अक्तूबर से 2 नवंबर तक इटली, ग्लासगो, ब्रिटेन की यात्रा करेंगे। माना जा रहा है कि पीएम जी-20 की अहम बैठक में दुनिया से अफगानिस्तान पर संयुक्त दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करेंगे। उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान को मान्यता देने के सवाल पर रूस, चीन, पाकिस्तान के इतर किसी देश ने अब तक दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
भारत की कोशिश होगी कि इस बैठक में अफगानिस्तान के संदर्भ में उसके हित के अनुरूप निर्णय लिए जाएं। पीएम शिखर सम्मेलनों के इतर इटली के पीएम मारियो द्रागी और ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन सहित कई शीर्ष नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
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इस सम्मेलन में प्रतिनिधियों के कोरोना वायरस महामारी की चुनौतियों के बाद सुधार, जलवायु परिवर्तन और विश्व के विभिन्न हिस्सों में गरीबी व असमानता जैसी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की उम्मीद है। वहीं, एक जानकार ने बताया कि अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर इस सम्मेलन में प्रमुखता से चर्चा हो सकती है।
इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न वैश्विक चुनौतियों पर भारत का रुख सामने रख सकते हैं और अफगानिस्तान की स्थिति पर एक वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान कर सकते हैं। साथ ही वह जलवायु परिवर्तन और कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुटता की भी बात कर सकते हैं।