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सूफी सम्मेलन में बोले पीएम 'अल्लाह ही है रहमान और रहीम'

Fri, 18 Mar 2016 12:58 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : PTI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व सूफी सम्मेलन में शिरकत करते हुए दो टूक कहा कि आतंकवाद और धर्म के बीच कोई रिश्ता नहीं है। आतंकवाद को धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए। आतंक से लड़ाई मानवता और अमानवीयता के बीच संघर्ष है। आतंकी अपने ही देश और अपने ही लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं। अजान और प्रार्थना की जगहों पर हमले किए और ऐसे वक्त में सूफीवाद एक नूर की तरह है, जो हिंसा से सहमी दुनिया को एक रोशनी दिखा सकती है। इस्लाम शांति का धर्म है और सूफी पंथ इसकी आत्मा है।
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अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने सूफी पंथ से जुड़ी महान हस्तियों बुल्ले शाह, अमीर खुसरो, हजरत निजामुद्दीन औलिया और बाबा फरीद को याद किया। उन्होंने कहा कि सूफी पंथ से जुड़े इन संतों ने मानवता से प्रेम करने का मंत्र दिया। पीएम ने बताया कि 2015 में ही 90 से अधिक देशों ने आतंकी हमले झेले।

कुछ लोग ऐसे हैं जिनकों कैंप लगाकर आतंकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई का नारा देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, हमारा लक्ष्य सबका साथ सबका विकास है। भारत के प्रति प्यार हमें अमीर खुसरो से अधिक किसी ने नहीं दिखाया। उन्होंने कहा, वसुधैव कुटुंबकम में हमारा विश्वासृ है। हम सब एक परिवार की तरह है।
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'चंद लोग पूरी सभ्यता को गुमराह कर रहे हैं'

- फोटो : PTI
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ चंद लोग सभ्यता को गुमराह करना चाहते है। हिंसा से युवाओं की हंसी को रोका जा रहा है। इस्लाम का असली मतलब ही शांति है। अगर हम भगवान को प्यार करते है तो उसकी सभी रचनाओं से हमें प्यार करना होगा। खुदा की सेवा का मतलब भगवान की सेवा है। सूफीवाद भाईचारे का संदेश देता है। अल्लाह इज रहमान एंड रहीम, यह विचारधारा भेदभाव करना नहीं सिखाती।

सूफीवाद शांति और भाईचारे की आवाज है, मानवता की सेवा ही ईश्वर की सेवा है। प्रधानमंत्री ने कहा, बाबा फरीद की कविताओं और गुरु ग्रंथ सहिब की रचनाओं में समानता है। मोदी ने कहा कि विभाजन के दौरान ज्यादातर मुसलमानों ने भारत में रहने को चुना। उन्होंने कहा कि  आतंकवाद को धर्म से जोड़ना गलत है। यह बुद्ध और गांधी की धरती है जिन्होंने शांति का उपदेश दिया।

विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी के भाषण के दौरान भारत माता की जय के नारे भी लगे। इसके आयोजक ऑल इंडिया उलमा एवं मशाइख बोर्ड के संस्थापक एवं अध्यक्ष और सुन्नी सूफी मौलाना सैयद मोहम्मद अशरफ इस्लाम के नाम पर जेहाद और आंतकवाद फैलाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि सूफी पंथ के सहारे ही न केवल इन आतंकी ताकतों का मुकाबला किया जा सकता है, बल्कि इसके जरिए ही दुनिया में अमन चैन लाया जा सकता है।
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