जेनेरिक दवाओं को लेकर फैलाई जाती हैं अफवाह
पीएम मोदी ने आगे कहा कि जेनेरिक दवाओं को लेकर अफवाहें फैलाएं जाती हैं। पुराने अनुभवों के आधार पर कुछ लोगों को ये भी लगता है कि आखिर इतनी सस्ती दवा कैसे हो सकती है, कहीं कोई खोट तो इसमें नहीं है। ये दवाएं दुनियाभर के बाजार में उपलब्ध किसी भी दवाई से जरा भी कम नहीं हैं। ये दवाएं बेहतरीन लैब्स से सर्टिफाइड होती हैं, हर प्रकार की सख्त जांच से निकले दवा निर्माताओं से खरीदी जाती हैं।
भारत में बनी जेनेरिक दवाओं की पूरी दुनिया में डिमांड
उन्होंने कहा कि भारत की बनी जेनेरिक दवाओं की पूरी दुनिया में डिमांड है। सरकार ने हर अस्पताल के लिए जेनेरिक दवाएं लिखना जरूरी कर दिया है। कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर डॉक्टर जेनेरिक दवाएं ही लिखें, ये सुनिश्चित करना जरूरी है। मेरा आप सभी लाभार्थियों से भी निवेदन रहेगा कि अपने अनुभवों को अधिक से अधिक साझा करें। इससे जनऔषधि का लाभ ज्यादा मरीजों तक पहुंच सकेगा।
मरीजों के 12,500 करोड़ रुपये बचे
पुणे से किडनी की मरीज जेबा खान के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि सबसे पहले तो मैं आपकी बेहतर सेहत की कामना करता हूं। आपकी बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए भी शुभकामनाएं। एक हजार से अधिक जरूरी दवाइयों की कीमत नियंत्रित होने से मरीजों के 12,500 करोड़ रुपये बचे हैं। स्टेंट्स और नी-इम्प्लांट्स की कीमत कम होने से लाखों मरीजों को नया जीवन मिला है।
गांव-गांव में आधुनिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र बनाए जा रहे
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि देश में लोगों को मेडिकल सुविधा के लिए ज्यादा दूर न जाना पड़े इसलिए देशभर में इस योजना के तहत देश के गांव-गांव में आधुनिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र बनाए जा रहे हैं। नए मेडिकल कॉलेज बनाये जा रहे हैं, जिससे देश में मेडिकल सीटों में भी बढ़ोतरी हो रही है। अभी तक जो 31 हजार से ज्यादा सेंटर तैयार हो चुके हैं, उनमें 11 करोड़ से ज्यादा साथी अपनी जांच करा चुके हैं। करीब 90 लाख गरीब लोगों को आयुष्मान योजना के तहत लाभ मिला है।