केंद्र सरकार राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का वेतन तीन गुना करने पर विचार कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बारे में प्रस्ताव तैयार किया है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने के बाद राष्ट्रपति का वेतन देश के सर्वोच्च नौकरशाह कैबिनेट सचिव के वेतन से एक लाख रुपये कम हो गया है।
वर्तमान में कैबिनेट सचिव का वेतन 2.5 लाख है जबकि राष्ट्रपति का वेतन 1.5 लाख, उपराष्ट्रपति का 1.25 लाख और राज्यपालों का 1.10 लाख रुपये मासिक है। इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक राष्ट्रपति का वेतन पांच लाख और उप राष्ट्रपति का 3.5 लाख करने की योजना है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इस संबंध में विधेयक संसद में पेश किया जाएगा। संभावना है कि आगामी शीत सत्र में इसे संसद की मंजूरी मिल जाएगी।
इससे पहले वर्ष 2008 में राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और राज्यपालों के वेतन में वृद्धि की गई थी। वर्ष 2008 तक राष्ट्रपति का वेतन 50 हजार, उपराष्ट्रपति का 40 हजार और राज्यपालों का 36 हजार रुपये मासिक था। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपतियों, पूर्व उपराष्ट्रपतियों और पूर्व राज्यपालों की पेंशन में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।