कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपी के कांग्रेस विधायकों को दिल्ली बुलाया है ताकि समाजवादी पार्टी के घमासान के भावी परिणाम के साथ ही अपने विधायकों के मन की बात भी जान सकें। राज्य के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम और पार्टी की भावी रणनीति को लेकर बुधवार शाम बुलाई गई बैठक अहम मानी जा रही है। समाजवादी परिवार में मचे घमासान और इससे निकलने वाले नतीजों को लेकर राहुल गांधी काफी संजीदा है। वहीं इस बैठक में इस बात पर भी चर्चा हो सकती है कि आखिर कठिन और विपरीत परिस्थिति में पिछला चुनाव जीतकर आने वाले पुराने विधायक पार्टी छोड़कर क्यूं जा रहे हैं। लिहाजा शेष 20 विधायकों की भूमिका पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस अरुणाचल में एक विधायक छोड़कर सभी के पार्टी छोड़ने का कारण भाजपा पर थोप रही है। यूपी में पार्टी छोड़कर जाने वाले नौ विधायकों को लेकर चिंतित पार्टी कारणों पर भी मंथन करना चाहती है। पार्टी के पांच विधायक भाजपा में, तीन बसपा और एक सपा में शामिल हुए हैं। राहुल ने इसे गंभीरता से लिया है। विधायकों से बातचीत कर उनके मन की बात और भविष्य की तैयारियां भी जानेंगे।
कांग्रेस समाजवादी पार्टी से करीबी और दूरियों को लेकर आकलन कर लेना चाहती है ताकि भविष्य में किसी तरह के राजनीतिक समीकरण बनने की स्थिति में पार्टी खुद को मजबूती से पेश कर सके। कांग्रेस में एक खेमा जहां सपा, बसपा और भाजपा से बराबर की दूरियां बनाकर चलने की बात कर रहा है तो वहीं एक खेमा भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखकर रणनीति बनाकर चलने के पक्ष में है। राहुल विधायकों से जमीनी हकीकत भी जानना चाहते हैं।