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President Kovind In Kerala: राष्ट्रपति कोविंद ने महिला विधायकों के राष्ट्रीय सम्मेलन का किया उद्घाटन, नारीशक्ति पर कही यह बड़ी बात

Thu, 26 May 2022 04:55 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

राष्ट्रपति ने कहा कि अपने आदर्शों और मूल्यों से प्रेरित होकर हम इन सात दशकों के दौरान और आगे बढ़े हैं। हमने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए पचास प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। मुझे लगता है कि इसे महिला सशक्तिकरण कहना गलत है, क्योंकि महिलाएं वैसे भी शक्तिशाली होती हैं।
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केरल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। - फोटो : social media
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विस्तार
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दो दिवसीय यात्रा पर केरल पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत महिला विधायकों के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। केरल विधानसभा परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने की। इस मौके पर लोगों की मानसिकता में बदलाव का आह्वान करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को कहा कि सामाजिक पूर्वाग्रहों के कारण कार्यबल में महिलाओं का अनुपात उनकी क्षमता के अनुरूर नहीं है। इसके लिए मानसिकता में बदलाव की जरूरत है। 

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महिलाओं की भागीदारी को लेकर कही बड़ी बात
संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग के बीच राष्ट्रपति ने कहा कि देश के विभिन्न विधान निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व और भी ज्यादा होना चाहिए। 
देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के तहत केरल विधानसभा में आयोजित राष्ट्रीय महिला विधायक सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि 1857 से महिलाओं ने "प्रमुख भूमिका" निभाई है। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में और ब्रिटिश शासन के खिलाफ कई आंदोलन महिलाओं की व्यापक भागीदारी के कारण सफल रहे। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई, कस्तूरबा गांधी, सरोजिनी नायडू और कई अन्य महिला नेताओं के योगदान और बलिदान का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि भारत की आजादी के बाद से महिलाएं एक के बाद एक अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता हासिल कर रही हैं। 
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'कोरोना काल में महिलाओं ने किया बेहतरीन काम'
इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि जब संविधान सभा ने राष्ट्र के लिए एक संविधान का मसौदा तैयार किया तो उसमें 15 महिला सदस्य थीं और उनमें से तीन केरल से थीं।उन्होंने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित और प्रबंधन के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है, जिसे सामूहिक रूप से STEMM के रूप में जाना जाता है। कोरोना काल का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि कोरोना काल के दौरान संकट से राष्ट्र की रक्षा करने वाले कोरोना योद्धाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं रही होंगी। उन महिलाओं को इन उपलब्धियों का श्रेय दिया जाना चाहिए, दुर्भाग्य से, ऐसा नहीं हुआ है।

'हमारे सामने चुनौती मानसिकता को बदलने की'
उन्होंने कहा कि हमें यह स्वीकार करना होगा कि हम गहरे सामाजिक पूर्वाग्रहों से पीड़ित हैं। कार्यबल में महिलाओं का अनुपात उनकी क्षमता के करीब कहीं नहीं है। राजनीति में भी यही स्थिति है। वैश्विक संदर्भ में इसे देखने से हमें यह महसूस होता है कि हमारे सामने चुनौती मानसिकता को बदलने की है, जो कभी भी आसान नहीं होती है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन ने भारत में लैंगिक समानता के लिए एक ठोस नींव रखी है। तब से देश एक लंबा सफर तय कर चुका है। अब मानसिकता में कुछ बदलाव के साथ-साथ लिंग संवेदनशीलता में तेजी से प्रगति हुई है। 

उन्होंने कहा कि अपने आदर्शों और मूल्यों से प्रेरित होकर हम इन सात दशकों के दौरान और आगे बढ़े हैं। हमने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए पचास प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। मुझे लगता है कि इसे महिला सशक्तिकरण कहना गलत है, क्योंकि महिलाएं वैसे भी शक्तिशाली होती हैं। महिलाओं के लिए हम पहले ही कहते हैं कि वे शक्ति की अभिव्यक्ति हैं। 

राज्यपाल ने महिलाओं को लेकर दिया बड़ा बयान
इस मौके पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि यह हमारे लिए “महिला विकास से परे सोचने और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर बढ़ने” का समय है। उन्होंने कहा कि आजादी के सात दशकों के बाद भी, विरोधाभास यह था कि अभी भी ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी सार्वजनिक उपस्थिति और गतिविधियों पर 'पितृसत्तात्मक प्रतिबंध' लगाकर महिलाओं को हाशिए पर रखना चाहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की कार्रवाई बुनियादी संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का उल्लंघन करती हैं।राज्यपाल ने कहा कि इससे भी खतरनाक है कि अच्छे लोगों की चुप्पी, जो महिलाओं के प्रति इस आपराधिक व्यवहार को अनदेखा करना चुनते हैं। 
इससे पहले बुधवार को वायुसेना के विशेष विमान से केरल पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, परिवहन मंत्री एंटनी राजू और महापौर आर्यन राजेंद्रन ने समेत कई गणमान्य लोगों ने स्वागत किया।

इस कार्यक्रम में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, राज्य विधानसभा अध्यक्ष एमबी राजेश, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन, वाम सरकार के कई मंत्री और देश भर की महिला विधायक भी शामिल थीं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार को समापन सत्र को सम्बोधित करेंगे।

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