प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को नवनिर्मित संसद का उद्घाटन करने वाले हैं। इसी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करने का आरोप लगाया था, जिसपर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस को विवादों को भड़काने के लिए फटकार लगाई थी। हालांकि, अब जवाब में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने केंद्रीय मंत्री को देश के संविधान को पढ़ने की सलाह दे डाली।
केंद्रीय मंत्री का ट्वीट
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर कहा था कि कांग्रेस की आदत है कि जहां जरूरत नहीं होती वहां भी विवाद खड़ा कर देती है। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति राज्य का प्रमुख होता है, जबकि प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख होता है और सरकार की ओर से संसद का नेतृत्व करता है। पुरी ने आगे कहा था कि पीएम की नीतियां कानून के रूप में प्रभावी होती हैं। राष्ट्रपति किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, जबकि पीएम हैं।
कांग्रेस सांसद की सलाह
आखिर क्यों नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर हो रहा विरोध
गौरतलब है, वीडी सावरकर की जयंती पर 28 मई को पीएम मोदी नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। इसपर कांग्रेस नेताओं और कई अन्य विपक्षी नेताओं का मानना है कि पीएम की बजाय राष्ट्रपति को उद्घाटन करना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों ही होना चाहिए। मुर्मू द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक होगा।
किस नेता ने क्या कहा-
1. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति को करना चाहिए न कि प्रधानमंत्री को।
2. वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी यही राय व्यक्त की, जिन्होंने सवाल किया कि उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को क्यों नहीं आमंत्रित किया जा रहा है। खरगे ने पीएम मोदी पर राष्ट्रपति का अपमान करने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भारत के राष्ट्रपति का कार्यालय भाजपा-आरएसएस सरकार के तहत प्रतीकवाद तक सिमट गया है।