राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के जज उदय उमेश ललित को राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) का एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नामित किया। इस संबंध में जारी एक अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति ने उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राधिकरण का इस पद के लिए नामित किया है।
जस्टिस यूयू ललित ने जून 1983 में अधिवक्ता के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। तब वह बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते थे। जनवरी 1986 में वह दिल्ली आ गए। अप्रैल 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का पद दिया था। 13 अगस्त 2014 को उन्हें सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। जस्टिस ललित आठ नवंबर 2022 को सेवानिवृत्त होंगे।
जानिए क्या है नालसा
नालसा का गठन कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत कमजोर वर्ग को मुफ्त कानूनी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया गया है। इसके साथ ही विवादों के मैत्रीपूर्ण समझौतों के लिए लोक अदालतों का आयोजन कराना भी इसकी जिम्मेदारी है।