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Droupadi Murmu: 'मेरे पिता पेड़ों-धरती के आगे झुकते थे', राष्ट्रपति बोलीं- उपयोग करने से पहले मांगते थे क्षमा

Sat, 29 Mar 2025 05:32 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मेरे पिता पेड़ों और धरती के आगे झुकते थे। वे उनका उपयोग करने से पहले उनसे क्षमा मांगते थे। राष्ट्रपति ने विज्ञान भवन में पर्यावरण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अपने बचपन के दिनों को याद किया और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। 
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने याद करते हुए कहा कि उनके पिता पेड़ों और धरती के आगे झुकते थे। खाना पकाने और खेती के लिए उनका उपयोग करने से पहले उनसे क्षमा मांगते थे। राष्ट्रपति मुर्मू विज्ञान भवन में पर्यावरण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के दौरान बोल रही थीं। इस दौरान उन्होंने लोगों से इस बात पर विचार करने के लिए कहा कि क्या उन प्राकृतिक संसाधनों को नष्ट करना सही है, जिन्हें मनुष्य नहीं बना सकता। 

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राष्ट्रपति ने अपने बचपन के दिनों को याद किया
राष्ट्रपति ने ओडिशा के मयूरभंज जिले के उपरबेड़ा गांव में बिताए अपने बचपन के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण उनके परिवार को खाना पकाने के लिए सूखी लकड़ियों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने कहा, 'मेरे पिता और मां लकड़ियां इकट्ठा करते थे। फिर वे उन्हें छोटे टुकड़ों में काटकर जलाने लायक बनाते। मेरे पिता लकड़ियों को काटने से पहले उनके आगे झुकते थे। जब मैंने पिता से पूछा- आप लकड़ियों को काटने से पहले प्रार्थना क्यों करते हैं? तब उन्होंने जवाब दिया कि वे क्षमा मांग रहे हैं।'

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कभी पेड़ का हिस्सा थीं ये लकड़ियां
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उनके पिता कहते थे कि ये लकड़ी के टुकड़े कभी पेड़ का हिस्सा थे, जो फल-फूल, हवा और पानी देते थे। अब ये लकड़ियां सूख गई हैं। फिर भी, वे हमारी मदद कर रही हैं। 

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जुताई से पहले धरती के सामने झुकते थे पिता: मुर्मू
अपने संबोधन के दौरान, राष्ट्रपति ने ये भी बताया कि उनके पिता जुताई करने से पहले धरती के सामने झुकते थे। मैं पूछती तो वह कहते थे कि धरती हमारी मां है। ये जो कुछ भी पैदा करती है, हम जो कुछ उगाते हैं। वह सब धरती की वजह से ही संभव है। इसलिए जुताई करने से पहले धरती मां से क्षमा मांगो। 

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