'इंडिया' गठबंधन में शामिल माकपा ने यह भी आरोप लगाया कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के भीतर की कलह, सत्ता की भूख और उसके कुछ नेताओं का भाजपा के अंडरकवर एजेंट के रूप में काम करना..इन सभी वजहों से राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में मौजूदा परिणाम सामने आए हैं। दूसरी ओर, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधऱन ने कहा कि चुनावी नतीजे (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी के सुशासन का परिणाम हैं।
वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने यहां नवा केरल सदस कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इन तीन राज्यों में भाजपा जैसे दुश्मन का सामना करते समय यथासंभव संयुक्त मोर्चा सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के बजाय कांग्रेस ने सोचा कि वह पहले ही जीत चुकी है और यह एक बड़ी ताकत है और कोई भी इसे हरा नहीं सकता है। यही वह सोच है जो इसे पतन की ओर ले गया है।
उन्होंने कहा कि उन राज्यों में चुनावों की घोषणा के बाद सभी गणनाओं ने संकेत दिया कि लोग नहीं चाहते थे कि भाजपा वहां सत्ता में आए और भगवा पार्टी के लिए एक बड़ा झटका सुनिश्चित करना संभव था। लेकिन, कांग्रेस सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करने के लिए तैयार नहीं थी, और इस रुख के कार मौजूदा स्थिति पैदा हुई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता कमलनाथ ने सांप्रदायिक कृत्यों का विरोध नहीं किया और इसके बजाय भाजपा का समर्थन करके मध्य प्रदेश में उसकी बी टीम के रूप में काम किया। उन्होंने कहा, यह सोचना कि नरम हिंदुत्व का रुख अपनाने से चरम हिंदुत्व को हराने में मदद मिलेगी, एक भ्रम है। उनका (कांग्रेस) अभियान (मध्य प्रदेश में) भाजपा के लिए मददगार रहा। भाजपा वहां अच्छी संख्या में सीटों के साथ जीत रही है।