फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prashant Kishore Comment : कांग्रेस का उदयपुर चिंतन शिविर विफल, नेतृत्व को मिला हिमाचल व गुजरात में हार तक का वक्त

Fri, 20 May 2022 01:08 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उदयपुर चिंतन शिविर यथास्थिति को लम्बा खींचने और कांग्रेस नेतृत्व को आसन्न घोर पराजय तक समय देने के अलावा कुछ भी सार्थक हासिल करने में विफल रहा।
 
विज्ञापन
प्रशांत किशोर - फोटो : PTI (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस पर चुटकी ली है। उन्होंने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस के उदयपुर चिंतन शिविर पर बार-बार मेरी राय मांगी जा रही थी। मेरी राय में यह विफल रहा है। 

प्रशांत किशोर ने कहा कि मेरे विचार से यह यथास्थिति को लम्बा खींचने और कांग्रेस नेतृत्व को गुजरात व हिमाचल चुनाव में आसन्न घोर पराजय तक कुछ समय देने के अलावा कुछ भी सार्थक हासिल करने में विफल रहा। बता दें, प्रशांत किशोर ने पिछले दिनों कांग्रेस के कायाकल्प की विस्तृत योजना बनाकर पेश की थी। वह स्वयं कांग्रेस में बदलाव के अगुआ बनने वाले थे, लेकिन ऐनवक्त पर कांग्रेस नेतृत्व के साथ उनकी बात नहीं बनी। कांग्रेस के साथ नाता नहीं जुड़ने के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार से अपना एक राजनीतिक अभियान की शुरुआत करने का भी एलान किया है। 

विज्ञापन






उदयपुर चिंतन शिविर को लेकर प्रशांत किशोर की उक्त प्रतिक्रिया काफी अहम है, क्योंकि बीते रविवार की शाम समाप्त शिविर में कांग्रेस नेताओं ने व्यापक बदलाव पर मुहर लगाई है। शिविर में एक बार फिर राहुल गांधी को पार्टी का नेतृत्व सौंपने की मांग उठी। उन्हें एक बार फिर कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। बताया यह भी जा रहा है कि जो नेता पहले उनके अध्यक्ष बनने के खिलाफ थे, वह भी अब समर्थन में आए गए हैं। इससे साफ हो गया है कि आगे आने वाले राज्यों के विधानसभा चुनाव में वह उनकी भूमिका अहम होगी। साथ ही 2024 के विधानसभा चुनाव में भी वही कांग्रेस की अगुआई करेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें