भारत की भावी शिक्षा नीति में संघ के विचार झलकें तो कोई हैरत नहीं होनी चाहिए। सूत्रों की मानें तो एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर शिक्षा में बदलाव लाने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिले। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर बंद दरबाजों के पीछे लंबी बातचीत हुई। सूत्रों की मानें तो जावड़ेकर ने गुजरात भवन में शिक्षा क्षेत्र में कार्य कर रहे संगठनों के कार्यकर्ताओं से करीब 6 घंटे तक चर्चा की।
जिन संगठनों के कार्यकर्ताओं से जावड़ेकर मिले उनमें विद्या भारती, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, भारतीय शिक्षण मंडल, संस्कृत भारती, शिक्षा बचाओ आंदोलन, विज्ञान भारती और इतिहास संकलन योजना शामिल हैं।
शिक्षा नीति में बदलाव लाने की चर्चा में बीजेपी उपाध्यक्ष अमित शाह, आरएसएस के ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी कृष्ण गोपाल, अनिरुद्ध देशपांडे और आरएसएस अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख भी मौजूद रहे।
इससे पहले पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम को नई शिक्षा नीति पर करीब 80 हजार सुझाव मिले थे, जिनमें शिक्षा क्षेत्र में कार्य कर रहे आरएसएस से जुड़े संगठनों के भी सुझाव शामिल थे।