बिजली के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तपोषण प्रदान करने वाली कंपनी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन(पीएफसी) को सरकार की ओर से 'महारत्न' के सम्मान से नवाजा गया है। उसे यह सम्मान पिछले तीन साल में शानदार वित्तीय प्रदर्शन व परिचालन कुशलता के लिए दिया गया है। कंपनी के एक बयान में कहा गया कि सरकार की ओर पीएफसी को महारत्न का दर्जा दिया गया है।
वित्तीय फैसले लेने की बढ़ेगी क्षमता
‘महारत्न’ का सम्मान मिलने से पीएफसी बोर्ड की वित्तीय फैसले लेने की क्षमता बढ़ेगी। ‘महारत्न’ कंपनी का निदेशक मंडल वित्तीय संयुक्त उद्यम और पूर्ण अनुषंगी इकाईयों को लेकर इक्विटी निवेश पर फैसला कर सकता है। भारत एवं विदेश में विलय और अधिग्रहण कर सकता है। हालांकि, यह संबंधित सीपीएसई के कुल मूल्य के 15 फीसदी तक और एक परियोजना के लिए 5000 करोड़ रुपये तक सीमित होगा। महारत्न का सम्मान मिलने के बाद पीएफसी सरकार के एजेण्डा के तहत 2030 तक 40 फीसदी हरित उर्जा की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता में योगदान देगा।
सरकार को कंपनी की रणनीतिक भूमिका पर भरोसा
इस मौके पर केंद्रीय बिजली एवं ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने पीएफसी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महारत्न का सम्मान यह बताता है कि सरकार को कंपनी की रणनीतिक भूमिका को लेकर पूरा भरोसा है। पीएफसी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक आरएस ढिल्लन ने कहा कि कंपनी का पिछले तीन साल में वित्तीय प्रदर्शन शानदार रहा, इसलिए उसे महारत्न का दर्जा मिल सका।